कन्नौज। जिले में यूरिया की कमी कंपोस्ट खाद से दूर की जाएगी। इसके लिए शहर के कूडा निस्तारण प्लांट में तैयार कंपोस्ट खाद को जेपी ग्रुप और इफ्को के माध्यम से बाजार में बेचा जा रहा है। प्लांट से प्रति माह इफ्को 100 से 200 टन खाद ले रहा है। कृषि अधिकारियों के अनुसार कंपोस्ट खाद से फसल की अच्छी उपज की जा सकती है।
शहर में स्थापित कूडा निस्तारण प्लांट के सुपरवाइजर मोहित चतुर्वेदी ने बताया कि शहर से प्रति दिन करीब 42 टन कूड़ा आता है। इससे प्रतिदिन छह टन खाद बनाई जा रही है। पहले प्लांट में तैयार कंपोस्ट खाद की बिक्री न होने से बोरियों का ढेर लगा था।
इससे जगह का अभाव हो जाता था। जगह कम होने से कुछ समय के लिए प्लांट को बंद भी करना पड़ा। अब यूरिया की कमी को देखते हुए प्लांट को फिर चालू कर दिया गया है। तैयार खाद बेचने के लिए इफको और जेपी ग्रुप से अनुबंध किया गया है। दोनों कंपनी खाद बाजार में बेच रही हैं। किसानों को कंपोस्ट खाद लेने के लिए इफ्को से संपर्क करना होगा। वहां से अनुमति मिलने पर किसान प्लांट से भी कंपोस्ट खाद खरीद सकते हैं। प्लांट में तैयार कम्पोस्ट खाद दोनों कंपनी ले रही हैं।
कंपोस्ट खाद पर सब्सिडी भी मिल रही
सुपरवाइजर मोहित चतुर्वेदी ने बताया कि प्लांट में कंपोस्ट खाद की 50 किलो की बोरी भरी जा रही है। एक ट्राली कंपोस्ट खाद की कीमत 4500 रुपये है। इसमें इफ्को की ओर से सब्सिडी दी जा रही है। जिला कृषि अधिकारी राम मिलन परिहार ने बताया कि किसान इस खाद को आलू की फसल में उपयोग कर अधिक उत्पादन ले सकते हैं। यह खाद दो से तीन वर्ष तक फसल में कारगर रहती है। इस खाद के उपयोग से किसान को अन्य खाद का उपयोग कम प्रयोग होगा। यदि कोई किसान अन्य उर्वरक का प्रयोग नहीं करता है तो भी अच्छी पैदावार होगी। इसके प्रयोग से फसलों में कीट का प्रकोप भी कम होगा।