कन्नौज। सदर कोतवाली के मोचीपुर गांव में रहने वाला 14 साल का कृष्णा सक्सेना अदम्य साहस के चलते चर्चा में आ गया। बुधवार को बहादुर कृष्णा ने गहरे तालाब में कूदकर सात साल की बच्ची की जान बचाई। कुछ लोगों ने घटना का वीडियो भी बना लिया। वीडियो के वायरल होने के बाद 10वीं कक्षा के छात्र कृष्णा की बहादुरी की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है।
गांव के प्राचीन भोले बाबा के मंदिर के पास ही गहरा तालाब है। बुधवार शाम करीब छह बजे गांव में रहने वाले स्वामी दयाल की सात वर्षीय बेटी रागिनी भैंस को तालाब में पानी पिलाने गई थी। इस दौरान भैंस गहरे पानी में चली गई, जिसे निकालने की कोशिश में रागिनी भी गहराई में जाकर डूबने लगी। रागिनी की चीख सुनकर लोगों की भीड़ जमा हो गई, लेकिन कोई भी गहरे पानी में जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। इस दौरान पास से ही गुजर रहे
कृष्णा पुत्र अवधेश सक्सेना की नजर डूबती बच्ची पर पड़ गई। जान की परवाह न करते हुए कृष्णा ने तालाब में छलांग लगा दी और डूब रही रागिनी को बचाकर बाहर ले आया। कृष्णा की दिलेरी और बहादुरी देखकर गांव के लोगों ने उसे गोद में उठा लिया। इस दौरान मौजूद कुछ लोगों ने वीडियो बना लिया। रेस्क्यू का वीडियो वायरल होते ही कृष्णा बहादुरी की एक मिसाल बन गया। जगह-जगह उसकी दिलेरी की चर्चा हो रही है।
मानीमऊ (कन्नौज)। इससे पहले भी कृष्णा अपने भाई को डूबने से बचा चुका है। बीते साल तेरामल्लू रोड पर भट्टे के पास खोदे गए गड्ढे में भरे पानी में ताऊ राजेश सक्सेना का बेटा सूरज डूब रहा थआ। कृष्णा ने उसे डूबने से बचाया था। कृष्णा ने बताया कि उसे मछली पकड़ने का शौक है। गांव के तालाब में मछली पकड़ते-पकड़ते वह तैरना भी सीख गया। इसी से अपने भाई और रागिनी की जान बचाने में सफल हुआ है। गांव के पुष्पेंद्र पांडेय, बाली दुबे, गुड्डू, ऋतुराज पांडेय ने बताया कि कृष्णा बहादुर है, जिसकी बहादुरी पर उन्हें नाज है। अक्सर वह मुसीबत में फंसे लोगों की मदद करता है।
फोटो 03- गहरे तालाब से रागिनी को बचाता कृष्णा
फोटो 04- रागिनी को बचाकर तालाब से बाहर निकालता कृष्णा
फोटो 05-तालाब में डूबने के बारे में जानकारी देती रागिनी
फोटो 06-तालाब के किनारे खड़ा बहादुर कृष्णा