फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छह माह से सूख रजबहा, सूख रहीं फसलें

विज्ञापन
विज्ञापन
छिबरामऊ। अहिरूआ रहबहा में छह माह से पानी न आने के कारण इससे जुडे़ दो दर्जन से अधिक गांवों के खेत सूखे पड़े हैं। किसी तरह किसानों ने धान की रोपाई तो कर दी लेकिन समय पर सिंचाई न हो पाने के कारण धान की फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है।
विज्ञापन

बेवर ब्रांच से मझोला पुल के पास से निकला अहिरूआ रहबहा मिघौला, मिघौली, मटेहना, छछौनापुर, भोजपुर, कुड़रा, धनसिंहपुर, नगरिया, दीनपुर, शंकरपुर, हमीरपुर, रामपुर हृदय, नादनपुर व अहिरूआ समेत 24 से अधिक गांवों से निकला है। जनवरी से रहबहा में पानी नहीं आ रहा है। किसानों की रबी फसल में आखिरी और जायद की फसल में सभी पानी निजी साधनों से लगाए। खरीफ में भी रजबहा में पानी न आने से धान की फसल खराब हो रही है। धान में अधिक पानी लगता है और डीजल भी महंगा हो गया है, इससे किसान परेशान हैं। मक्का व बाजरा की फसलें भी सिंचाई के अभाव में खराब हो रही हैं। इस संबंध में एक्सईएन नहर पारसनाथ मौर्य ने कहा कि रहबहा में पानी छोड़ा जा चुका हैं। शुरूआत में पड़ने वाले गांवों के किसानों की गलती के कारण पानी आगे नहीं पहुंच पा रहा है। किसान बांध लगाकर पानी रोक देते हैं। बेवर ब्रांच व कन्नौज ब्रांच अलग अलग दो गनमैनों लगाकर निगरानी कराई जाएगी। बांध लगाने वाले किसानों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
कभी कभी ही आता है रहबहा में पानी
अहिरूआ के किसान अवनीश कुमार ने बताया कि रजबाह में कभी कभी ही पानी आता है। जनवरी में अधिक पानी आने से खांदी कट गई थी, इससे छह से अधिक गांवों के सैकड़ों किसानों की फसलें नष्ट हो गई थीं। अब जब सिंचाई की जरूरत है तब पानी नहीं आ रहा है।
विज्ञापन

कर्ज के बोझ से दब चुका है किसान
किसान क्षेत्रपाल ने कहा कि वैसे ही किसानों को फसलों का वाजिब मूल्य नहीं मिल पाता है। ज्यादातर फसलों में घाटा ही होता है। यदि ऐसे ही चलता रहा तो खेतीबाड़ी छोड़ना कुछ और करना पडे़गा। क्योंकि परिवार का पेट तो किसी तरह भरना ही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें