दो दिन पहले फतेहपुर डिपो की रोडवेज बस में परिचालक की हत्या करके नोटों भरा थैला लूटने वाले तीन हत्यारोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उनके दो साथी चकमा देकर भाग निकलने में सफल रहे। एसपी ने घटना का खुलासा करने वाली टीम को नकद इनाम देने की घोषणा की है।
गुरुवार को पुलिस लाइन में एसपी कलानिधि नैथानी ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि रोडवेज बस में लूटपाट करने वाले अभियुक्त टिकट लेकर बेवर से बिल्हौर के लिए बैठे थे। जसोदा और जलालपुर पनवारा के बीच तीनों अपनी सीट से उठे। एक चालक के पास व दो परिचालक के पास पहुंचे और उन पर तमंचे तान दिए।
चालक से बस रोकने के लिए कहा। इसी दौरान दो बदमाशों ने परिचालक से नोटों का थैला छीनने का प्रयास किया। परिचालक के विरोध करने पर उसे गोली मार दी। उसकी मौत के बाद वह थैला लेकर भाग निकले थे।
एसपी ने बताया कि इस वारदात को सुशील पाल पुत्र रक्षपाल, प्रदीप कठेरिया पुत्र उमेश चंद्र, अंशु कुमार श्रीवास्तव पुत्र राम नरेश श्रीवास्तव निवासी दौलतपुर थाना बेवर जनपद मैनपुरी ने साथी विमल व हरीशंकर निवासी दौलतपुर के साथ मिलकर अंजाम दिया।
आरोपियों को गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव मिरगांवा के पस मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया गया। मुठभेड़ में एएसपी सुभाष शाक्य, सीओ करन सिंह, स्वाट टीम प्रभारी दिनेश यादव, सर्विलांस टीम प्रभारी तारिक खां, वरिष्ठ उप निरीक्षक राघवन कुमार सिंह शामिल रहे।
उन्होंने बताया कि इन पांचों बदमाशों का गैंग है। इनमें सुशील, प्रदीप व अंशू रोडवेज बस के अंदर चढ़े थे, जबकि विमल व हरीशंकर पीछे से बुलैरो कार में सवार होकर चल रहे थे। घटना के बाद बस से उतरकर तीनों बदमाश बोलेरो में सवार होकर भाग निकले। यह बोलेरा सुशील की है।
पकड़े गए बदमाशों के पास से तीन देशी तमंचे 315 बोर, एक बोलेरो कार, मोबाइल, मृतक परिचालक का बैग, 2704 रुपये नकद और 239 रुपये की रेजगारी, परिचालक निर्देशिका कार्ड, काले रंग की सीटी, टिकट के तीन बंडल, चालान की प्रति बरामद की गई है। टिकट मशीन फरार चल रहे विमल और हरिशंकर के पास में है। उप्र व्यापार संगठन के जिलाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ने घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 5 हजार रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
बीएससी पास है गैंग का सरगना
एसपी ने बताया कि गैंग का सरगना सुशील बीएससी पास है। उसके माता-पिता बचपन में ही मर गए थे। वह दौलतपुर बेवर में अपने बहनोई के पास रहता है। रोजगार न मिलने पर वहीं पर उसने अपने साथियों के साथ गैंग बनाया। उसने अपने साथी विमल के कहने पर लूटपाट के लिए इस रूट को चुना। विमल की गुरसहायगंज क्षेत्र में रिश्तेदारी है।
पहले भी इसी गैंग ने की थी लूटपाट
एसपी के अनुसार पकड़े गए बदमाशों ने बताया कि 22 मई को उन लोगों ने फतेहपुर डिपो की इसी बस को निशाना बनाया था। तब कंडक्टर से बैग छीना गया था। उस बैग में 24 हजार रुपये मिले थे। लूटे गए रुपयों का पांचों बदमाशों ने आपस में बंटवारा कर लिया था। ये रुपये खर्च हो गए तो लूटपाट की दूसरी घटना को अंजाम देने की योजना बनाई। लूट की इस घटना में बस के परिचालक अकरम पुत्र असलम निवासी अहरौरी शेख थाना भोगनीपुर ने रिपोर्ट सदर कोतवाली में दर्ज कराई है।