करवाचौथ पर बाजार में खरीदारी को शहरियों के साथ
ग्रामीणों क्षेत्रों के लोगों की भी भीड़ उमड़ पड़ी। कई जगह फूल मालाओं की
दुकानें भी सजी हुई थी तो कई ठिलियों पर भी फूल मालाएं बिकती नजर आ रही
थीं। इसके अलावा मिठाई की दुकानों में भी भीड़ लगी हुई थी।
बाजार में
अबकी गेंदा के फूल की भरमार रही। सस्ता होने से इसकी मालाएं भी खूब बिकीं।
महंगा होने से चमेली का फूल कहीं नजर नहीं आया। फूल विक्रेता आशाराम के
मुताबिक गेंदा की माला साइज के हिसाब से 10 से 20 रुपये और गुलाब की 50
रुपये तक बिकी। पिछले वर्ष फूल सस्ता होने से गेंदा की माला 5 से 15 व
गुलाब की माला 30 रुपये तक बिकी थी।
इस साल थोक में गेंदा का फूल 60 रुपये
किलो व गुलाब का फूल 100 रुपये किलो आया है। चमेली की तरह दिखने वाला कुंदा
का फूल 500 रुपये किलो होने से कोई नहीं लाया। नगर के सभी माली फूलों
की खरीद कानपुर के शिवाला से करते हैं। उधर, करवाचौथ पर मिठाई की दुकानों
पर जमकर बिक्री हुई।
मोहल्ला बजरिया में विनीतम मिष्ठान भंडार के शिव
शंकरलाल गुप्ता के मुताबिक पिछले व इस वर्ष के रेट में मामूली अंतर आया है।
करवाचौथ के पर्व पर सबसे ज्यादा मांग मलाई चाप, छेना, खरे पेड़ा, बालूशाही
व सोन पापड़ी की रही। मलाई चाप का रेट 150 रुपये किलो, छेना 120 रुपये
किलो, खरे पेड़ा 220 रुपये किलो, देसी घी की मिठाई 400 रुपये किलो तक बिकी।