भारतीय स्टेट बैंक की तिर्वा शाखा के एक बचत खाते से धोखाधड़ी करके 52 हजार रुपये की धनराशि आन-लाइन निकाल ली गई। जानकारी पाकर उपभोक्ता बैंक पहुंचा। शाखा प्रबंधक से मामले की लिखित शिकायत की। कोतवाली जाकर धोखाधड़ी की तहरीर दी। पुलिस क्षेत्राधिकारी ने मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।
ठठिया थाना क्षेत्र के महानंदपुर्वा गांव निवासी अशोक कुमार पुत्र रामकुमार का स्टेट बैंक में बचत खाता है। 27 जनवरी तक उनके बचत खाते में 52 हजार 600 रुपए की धनराशि मौजूद थी। 28 जनवरी को उनके खाते से कई बार में आन-लाइन के जरिए खरीददारी की गई। इसमें 52 हजार 300 रुपये की धनराशि उसके खाते से गायब हो गई।
मोबाइल पर शनिवार को एसएमएस आने के बाद अशोक पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्याम सिंह यादव के साथ बैंक पहुंचा। उसने शाखा प्रबंधक को बताया कि उसने न तो धनराशि निकाली है, न ही एटीएम के जरिए धनराशि निकाली है। फिर भी उसके खाते से धनराशि गायब हो गई है।
इस पर शाखा प्रबंधक आलोक कुमार गुप्त ने कंप्यूटर पर उसका खाता चेक किया। बताया कि 28 जनवरी को किसी ने दिल्ली में आन-लाइन कई बार खरीददारी करके उक्त धनराशि निकाली है। इस पर खाताधारक ने प्रबंधक को शिकायती पत्र देकर पूरे प्रकरण की जांच कराने को कहा।
बाद में तिर्वा कोतवाली पहुंचकर कोतवाली प्रभारी को भी घटना की जानकारी देते हुए लिखित शिकायत दर्ज कराई। मामले को लेकर पुलिस क्षेत्राधिकारी सुरेंद्रपाल सिंह ने बताया कि वह पूरे प्रकरण की जांच-पड़ताल कर रहे हैं। बैंक से खाता का स्टेटमेंट हासिल करने के बाद गहराई से जांच-पड़ताल की जाएगी।
आनलाइन संचालन में बैंक जिम्मेदार नहीं
तिर्वा। आनलाइन धोखाधड़ी के मामले को लेकर बैंक के शाखा प्रबंधक का कहना है कि इसके लिए बैंक जिम्मेदार नहीं है। इसके पूर्व भी एक माह के दौरान दो मामले सामने आए हैं। इन दो मामलों में भी करीब डेढ़ लाख रुपये की धनराशि गबन की गई है। उन्होंने पूरे प्रकरण को बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों से अवगत करा दिया है। उन्होंने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि मोबाइल पर किसी तरह का मैसेज आने पर उपभोक्ता अपने खाता नंबर व एटीएम के पिन कोड की जानकारी किसी को न दें।