कन्नौज। खेत में फैली जलकुंभी की बेल को देखकर वृद्ध रामनाथ रो पड़ते हैं। कभी खेत में इस मौसम में आलू व गेहूं की फसल लहलहाती थी। लेकिन अब नाले का पानी है। वहीं, प्रशासन व जनप्रतिनिधि कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
सदर तहसील के गांव सदिकापुर में पिछले 20 वर्षो से ढाई सौ बीघा खेती की भूमि में शेखाना नाले से आने वाला गंदा पानी भरा हुआ है। गांव के पचास से अधिक किसान खेती करने की जगह दूसराें के यहां मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करने के लिए मजबूर हैं।
कई बार गांव के लोगों ने प्रशासन व जनप्रतिनिधों से समस्या को निजात दिलाने के लिए गुहार लगाई, लेकिन कुछ नहीं हुआ। गांव के 70 वर्ष के वृद्ध रामनाथ के छह बीघा खेत में गंदे पानी में जलकुंभी की बेल पसरी हुई है।
रामनाथ प्रतिदिन खेत के पास जाते और दुर्दशा देखकर रो पड़ते हैं। उनके दो पुत्र मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। रामनाथ ने बताया कि इस मौसम में खेत में आलू व गेहूं की फसल लहराती थी। देखकर मन खुश हो जाता था लेकिन प्रशासन व जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के कारण आज यह दिन देखना पड़ रहा है।
एडीएम आशीष सिंह ने बताया कि सदिकापुर गांव में जलनिकासी का प्रबंध कराने की जिम्मेदारी सीडीओ व जल निगम के अधिकारियों को दी गई है। जल्द ही समस्या का हल निकाल लिया जाएगा।