अपराध और अपराधियों पर लगाम कसने के लिए पुलिस एक और हाईटेक हथियार अपनाने जा रही है। कानपुर की तर्ज पर जहां सड़कों पर नई कारें (इंटरसेप्टर) फर्राटा भरती नजर आएंगी, वहीं आसमान में जाकर ड्रोन अपराधियों की निगरानी करेगा। ऐसी स्थिति में पुलिस को नियम तोड़ने वालों व आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वालों तक पहुंचने में मदद मिलने के साथ ही उन पर कानूनी डंडा चलाने में भी सहायता मिलेगी।
एसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि छुपे अपराधियों की खोजबीन करने, धरना प्रदर्शन या सड़क जाम की स्थिति उत्पन्न होने पर ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा। तीन महीने के अंदर शासन से जनपद को इसे उपलब्ध करा दिया जाएगा। इसका रिमोट कंट्रोल पुलिस लाइन स्थित अत्याधुनिक कंट्रोल रूम में होगा। यह ड्रोन हर खतरे वाले स्थाने की फोटो सीधे कंट्रोल रूम को देगा। ताकि पुलिस हमलावर होकर अपराधियों को दबोच सकेगी।
एसपी ने बताया कि पाल चौराहे पर बाइक सवार दो पुलिस जवान 24 घंटे तैनात किए जाएंगे। इन पुलिस कर्मियों को वायरलेस सिस्टम और अत्याधुनिक असलहों से लैस रखा जाएगा। इनका संपर्क सीधे पुलिस कंट्रोल रूम से होगा। किसी भी अपराधी पर नियंत्रण करने या अपराधी के चौराहे से निकलकर भागने की स्थिति में यह पुलिस जवान उसका पीछा कर दबोचेंगे। जरूरत पड़ी तो पुलिस बल की भी मांग करेंगे।
इसके अलावा एक्शन व हाइवे पुलिस मोबाइल की दस टीमें जल्द बढ़ाई जाएंगी। इन्हें दस इनोवा कारें भी दी जाएंगी। इनमें लाल, नीली लाइटें लगी होंगी। इसके अलावा पुरानी हाइवे और एक्शन मोबाइल की गाड़ियों में भी लाल, नीली लाइटें लगाई जाएंगी। अब पूरे जिले में हाइवे पर चलने वाली 20 गाड़ियां हो जाएंगी। किसी भी क्षेत्र में अपराध होने पर एक्शन और हाइवे मोबाइल की गाड़ियां चंद मिनटों में ही घटनास्थल पर पहुंचेंगी। पुलिस अधीक्षक अपने मोबाइल से इन चलने वाली गाड़ियों की लोकेशन जांचते रहेंगे। स्थानीय थाना पुलिस की जीप की भी लोकेशन उनके मोबाइल पर होगी। यदि गड़बड़ी मिली तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी उनके स्तर से की जाएगी।
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यातायात स्टाफ बढ़ेगा, उपकरण भी मिलेंगे
यातायात पुलिस को बेहतर करने के लिए अब उन्हें एक सफेद हेलमेट लाल-नीली पट्टी के अलावा गैस मास्क व काले रंग का चश्मा उपलब्ध कराया जाएगा। यातायात पुलिस के स्टाफ में वृद्धि की जाएगी। जिले के प्रत्येक कसबे में दो -दो यातायात सिपाहियों को लगाकर जाम की समस्या से जनता को निजात दिलाई जाएगी। यह व्यवस्था जल्द लागू करने के लिए उन्होंने कार्ययोजना तैयार कर ली है। इसके अलावा मुख्य मार्गों के बीच में रिफलेक्टर लगाए जाएंगे। जिससे यात्री दोनों साइडों का बेहतर तरीके से इस्तेमाल कर सकें। साथ ही दुर्घटनाओं पर नियंत्रण हो सके।
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ग्रामीणों से जानकारियां जुटाएगी पुलिस
गांव में लगने वाली पुलिस चौपाल की तर्ज पर अब पुलिस जून महीने से जनसंपर्क अभियान चलाएगी। पुलिस गांव में पहुंचकर अलग-अलग ग्रामीणों से गोपनीय वार्ता करेगी। पुलिस और जनता के बीच भाईचारा स्थापित कर पुलिस अपराधियों तक पहुंचेगी। इसके अलावा गांव में आपसी तनाव की स्थिति पर भी नजर रखेगी। तनाव का कारण क्या है, उसे पता करके निदान कराने का प्रयास करेगी। ताकि गांव में विवाद न उत्पन्न होने पाए।
क्या है ड्रोन
ड्रोन हवा में उड़ने वाला अत्याधुनिक उपकरण है। जो कि अच्छी गुणवत्ता के कैमरों से लैस होता है। यह जमीन से करीब पांच मीटर की ऊंचाई से तस्वारें और वीडियो तैयार कर सकता है। इसको रिमोट के माध्यम से संचालित किया जाता है।