एसडीओ से जानकारी लेते एनटीपीसी टीम के अधिकारी।
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नगर में आरएपीडीआरपी (पुनर्गठन ऊर्जा विकास एवं सुधार कार्यक्रम) स्कीम के तहत पिछले दिनों विद्युत कार्यों को कराया गया था। बुधवार को इन कार्यों का एनटीपीसी (नेशनल थर्मल पॉवर कार्पोरेशन) की टीम ने सत्यापन किया जिसमें कई जगह गंभीर खामियां मिलीं।
नगर में बेहतर विद्युत आपूर्ति के लिए 4 साल पहले अगस्त 2013 में आरएपीडीआरपी स्कीम के तहत गाजियाबाद की एनकेजी इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी को ठेका मिला था। लगभग 12 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट में जर्जर खुले तार हटाकर एबीसी (एप्लायड बंच कंडक्टर) केबिल डालना, 300 नए पोल लगाना, 100 केवीए के 31 ट्रांसफार्मर डबल पोल पर लगाना, 250 केवीए के 60 ट्रांसफार्मर लगाना, हर पोल पर सीटी बाक्स लगाकर घरों में कनेक्शन देना, फीडर नंबर 2 व 3 की ओवरलोडिंग खत्म करने के लिए एचटी लाइनों के डबल फीडर बनाना, 33 केवी बिजलीघर में कैपीसेटर बैंक की स्थापना एवं कंट्रोल रूम में नई वीसीबी (वैक्यूम सर्किट ब्रेकर) मशीनें लगाना आदि कार्य शामिल थे।
हकीकत में कार्यदायी संस्था ने कई कार्यों को अधूरा छोड़ दिया था। कई मोहल्लों में अब तक जर्जर खुले तार झूल रहे हैं और फीडर नंबर 2 व 3 को अब तक अलग नहीं किया जा सका है। इस कंपनी के कार्यों का भौतिक सत्यापन करने के लिए एनटीपीसी (नेशनल थर्मल पावर कार्पोरेशन) की टीम आज यहां आई। टीम में शामिल पंकज सिंह, जय सिंह, गुड्डू कुमार, दीपक शर्मा ने एसडीओ रोहित कनौजिया, जेई अवनीश कुमार, संविदाकर्मी अतीक अहमद गुड्डू आदि के साथ मोहल्लों बिरतिया, विशुनगढ़ रोड आदि पर सर्वे किया। टीम के लीडर पंकज सिंह ने बताया कि ट्रांसफार्मर के पास कई जगह मीटर व मौडम अलग-अलग नहीं लगे हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह भौतिक सत्यापन का एक सप्ताह तक चलेगा।