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अब गंगा और काली नदी देगी रोजगार

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कन्नौज। गंगा और काली सहित दूसरी नदियां अब बेरोजगारों को रोजगार देंगी। मत्स्य आखेट (शिकारमाही) योजना के तहत नदियों का हर किमी पर ठेका उठेगा। ठेका मिलने पर मत्स्य पालक मछलियों को बेचकर रोजगार कर सकेंगे। जिले में करीब 500 लोगों को रोजगार मिलेगा। ठेके से मिलने वाली धनराशि से घाटों की मरम्मत और सफाई होगी। योजना से मल्लाह, बिंद, निषाद, केवट आदि जातियों को लाभान्वित किया जाएगा।
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मत्स्य विभाग ने कोरोना काल में बेरोजगार लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मत्स्य आखेट (शिकारमाही) योजना की शुरुआत की है। इसके तहत गंगा व काली के अलावा सहायक नदियों में मछलियां पकड़ने के लिए एक साल का ठेका उठेगा। इस ठेके की नीलामी प्रति किमी के हिसाब से की जाएगी। इसके लिए निर्धारित की गई धनराशि से बोली शुरू होगी। मत्स्य विभाग से पंजीकृत ठेकेदार नीलामी में हिस्सा लेंगे। फिलहाल इस तरह के जिले में केवल दो ठेकेदार हैं। यह मत्स्य जीवी सहकारी समिति लिमिटेड बेहटा तिर्वा व मत्स्य जीवी सहकारी समिति रूर, खड़िनी-छिबरामऊ के हैं। ठेकेदार मल्लाह, बिंद, निषाद, केवट, कहार, बाथम, धीव, धीमर के माध्यम से मछलियों का शिकार कराएंगे। इसके बदले प्रतिदिन के हिसाब से पारिश्रमिक देंगे। ठेकेदार मछलियों को बाजार में बेचकर मुनाफा कमाएंगे। मत्स्य विभाग के मुताबिक गंगा और काली नदी समेत सहायक नदियों से एक दिन में करीब एक हजार रुपये की मछली निकलने का अनुमान है। इस तरह माह में इन्हें 30 हजार रुपये मिलेंगे। ठेकेदार को मछलियों का शिकार करने के लिए लगाए गए लोगों का खर्च निकालने के बाद साल में करीब 30 से 35 लाख रुपये का लाभ होगा।
डीएम और तहसील के खाते के धन से होगी मदद
गंगा समेत सहायक नदियों के ठेके से मिलने वाली धनराशि तीन हिस्सों में स्थानांतरित होगी।50 प्रतिशत धनराशि डीएम व मत्स्य विभाग के संयुक्त खाते में जमा होगी। 25-25 प्रतिशत धनराशि जिला पंचायत व तहसील में जमा होगी। इस धनराशि से जिला पंचायत गंगा घाटों की मरम्मत और सफाई कराएगी। डीएम के संयुक्त खाते व तहसील के खाते में धनराशि से मल्लाह, बिंद, निषाद, केवट, कहार, बाथम, धीव, धीमर व जरूरतमंद लोगों की मदद की जाएगी।
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ये निर्धारित की गई धनराशि
गंगा नदी में प्रति किमी की नीलामी 28,900 रुपये जबकि अरिंद नदी व ईशन नदी की नीलामी की शुरुआत आठ हजार रुपये से होगी। तिर्वा तहसील में अरिंद व ईशन नदी के घाटों की नीलामी तीन दिसंबर, छिबरामऊ तहसील में गंगा नदी के घाटों की नीलामी चार दिसंबर और सदर तहसील में गंगा नदी के घाटों की नीलामी 26 दिसंबर को होगी।
ये घाट चयनित किए गए
सदर तहसील में गौरीबांगर से जलेसर गंगा नदी, कलसना से दाईपुर, कुसुमखोर से इब्राहिम, फराहन से सद्दूपुर, बागरमऊ से चांदापुर, दनियापुर से मेहंदीघाट, अब्दुलपुर से बहादुरपुर, बरकागांव से खैरागांव काली नदी, खेरागांव से मल्लान गढ़िया, मल्लान गढ़िया से जुनैदपुर नाला, जुनैदपुर से हड़कापुर्वा, कूल्हापुर से चुरैया, चुरैया से डहलेपुर, डहलेपुर से मेहंदीपुर काली नदी। इसी तरह छिबरामऊ में चियासर गंगा नदी, हड़कापुर्वा से इंदुयागंज काली नदी, इंदुयागंज से सिंहपुर, सिंहपुर से खंतागांव, खंतागांव से भैंसियापुर, भैंसियाुपर से खुदागंज, खुदागंज से निजामपुर, निजामपुर से गौघटा, काये से बगबेहटा ईशन नदी, मैनपुरी बार्डर से बीलमपुर अरिंद नदी, तिर्वा तहसील में बीलमपुर से औरैया बार्डर अरिंद नदी, पांडु नदी कन्नौज सीमा, बगबेहटा से नीचू ताहपुर से ऊपर ईशन नदी व ताहपुर से नीचे कानपुर बार्डर तक ईशन नदी।
कोरोना काल में मत्स्य पालकों के लिए अच्छी योजना है। निर्धारित तिथि पर ठेके की नीलामी में भाग लेकर बोली लगाएं। इससे कि साल भर मछली का शिकार कर योजना से लाभान्वित हो सकें।
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-रामाशीष, वरिष्ठ सहायक मत्स्य।
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