कन्नौज। ग्राम पंचायतों की तर्ज पर अब सभी विद्यालयों की भी स्वच्छता रैंकिंग निर्धारित होगी। इसमें उच्च रैंकिंग वाले विद्यालयों को राज्य और केंद्र सरकार की ओर से पुरस्कृत भी किया जाएगा। स्कूलों को स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग पोर्टल या मोबाइल एप पर 30 सितंबर तक स्व-मूल्यांकन रिपोर्ट जमा करनी होगी।
प्रोजेक्ट अलंकार के तहत माध्यमिक स्कूलों में जल और स्वच्छता आधारित सुविधाओं पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही स्वच्छता पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
पंचायतों व शहरों की तरह ही माध्यमिक स्कूलों में अब स्वच्छता रैंकिंग का निर्धारण किया जाएगा। स्कूलों को स्व-मूल्यांकन के आधार पर 60 निर्धारित मानकों पर खरा उतरना होगा। पूरे अभियान को पांच घटकों जल, शौचालय, हाथ धुलाई, संचालन एवं अनुरक्षण, व्यवहार परिवर्तन एवं क्षमता निर्माण व मिशन लाइफ के अनुरूप हरित पहल पर बांटा गया है। डीआईओएस पप्पू सरोज का कहना है कि अधिक से अधिक स्कूलों की सहभागिता होंद्ध