कोहरा और शीत लहर की मार ने शहरी जीवन अस्त व्यस्त कर दिया। कोहरे के कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थमी रही। वाहन न चलने से लोगों को घरों तक पहुंचने में परेशानी उठानी पड़ी। शीत लहर से मवेशी भी परेशान हैं। कृषि वैज्ञानिकों ने मवेशी पालकों को अपने मवेशियों के आसपास धुआं करने व सीधी हवा से बचाव की सलाह दी है।
एक सप्ताह से चल रही उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण ठिठुरन बढ़ी है। सर्द हवाओं से जनजीवन अस्त व्यस्त है। कोहरे के साथ तीन से पांच किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलने से ठिठुरन भरी सर्दी में लोग परेशान हैं। इधर मंगलवार की सुबह से घना कोहरा होने से लोगों को परेशानी हो रही है। कोहरे के कारण सुबह सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थमी रही।
कारण जीटी रोड पर लोगों ने अपने वाहन सड़क किनारे खड़े कर दिए। घने कोहरे में स्कूल खुला होने से बच्चों को कड़ाके की सर्दी में स्कूल जाना पड़ा। प्राइवेट वाहनों के सुबह के समय न चलने से लोगों को तिर्वा, गुरसहायगंज, मानीमऊ, अरौल, बिल्हौर जाने के लिए परेशान होना पड़ा।
पशु चिकित्सक डा. नागेंद्र कुमार ने बताया कि पशुपालक अपने पशुओें को खुले आसमान के नीचे न बांधे। मवेशी के चारों तरफ जूट के बोरे को बांध दें। जिससे मवेशियों को सीधी हवा न लग सके।
डा. वीके शुक्ला ने बताया कि बच्चों के शरीर को ढककर रखें। उनके खानपान पर विशेष ध्यान दें। शरीर में पानी की कमी न होने दें। घर में रूम हीटर लगाने से बचें। जिससे कमरे में पर्याप्त मात्रा में नमी बनी रहे।