साकार विश्व हरि ने तालग्राम रोड स्थित एसईएन इंटर कालेज के खेल मैदान पर गुरुवार को प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि संसार में मानव धर्म सर्वश्रेष्ठ है। मानव धर्म से बड़ा कोई दूसरा धर्म नहीं है। गुरु को अपने शिष्यों में मानवता का विचार जागृत करना चाहिए। शिक्षा का बाजारीकरण न कर उसे मानवता के कल्याण में लगाएं। गुरु की कृपा के बिना कोई देश महान नहीं हो सकता है। गुरु ही वह प्लेटफार्म है, जिससे देश, समाज, परिवार का चरित्र दृष्टिगत होता है।
कहा कि मानव को प्रेम करना सीखना चाहिए। प्रेम में जो आनंद है वह किसी दूसरी विधा में नहीं है। आनंद मानव को मोक्ष की ओर ले जाता है। सच्चा आनंद गुरु के बताए रास्ते पर चलने से ही मिलता है। बिना मानवता का धर्म निभाए इस सुख को प्राप्त नहीं किया जा सकता है।
काम, क्रोध, मोह, अहंकार, वर्गवाद, चुगली, अपने पराए का भेद मानव को जोड़ता नहीं तोड़ता है। हम सभी को साकार विश्वहरि के बताए रास्ते पर चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब धरा-धाम का माहौल खराब हो जाता है तो मानवता त्राहि-त्राहि करने लगती है। हम अभी जागृत न हुए तो भोग करना पड़ेगा।
इस दौरान पूर्व ब्लाक प्रमुख चंद्र भान सिंह, अध्यक्ष भगवान दीन, वीरेंद्र कुमार, राजीव कुमार, राजेंद्र सिंह, अजय सिंह, अमर सिंह, रामकृपाल भारती, संजय कुमार, सुरेश चंद्र आदि रहे। सत्संग का संचालन सुरेश कुमार भारती ने किया।