कन्नौज। टेंडर प्रक्रिया में हेरफेर करते हुए भ्रष्टाचार के आरोपी अधिशासी अभियंता संजय गंगवार व संविदा पर कार्यरत जेई कमल बाबू के विरुद्ध भले ही मंत्री के आदेश पर विभागीय कार्रवाई की गई है, लेकिन मामले में चार दिन बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं हो सकी, इसे लेकर चर्चा है।
जिले के सिडको कार्यालय से जुड़े कुछ ठेकेदारों ने अधिशासी अभियंता संजय गंगवार व संविदा पर कार्यरत जेई कमल बाबू के विरुद्ध गंभीर आरोप लगाते हुए मंत्री असीम अरुण से शिकायत की थी। ठेकेदारों ने मंत्री को इन अधिकारियों के भ्रष्टाचार में लिप्त होने के पुख्ता सबूत भी दिए थे। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर मंत्री ने तत्काल प्रभाव से अधिशासी अभियंता संजय गंगवार को निलंबित करते हुए संविदा पर कार्यरत जेई कमल बाबू को बर्खास्त कर दिया था।
मंत्री द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध उठाए गए सख्त कदम की शहर व प्रशासनिक गलियारों में चर्चा आम है। वहीं मंत्री ने पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर दोनों आरोपी अधिकारियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर गहन जांच कर दोषियों को दंडित करने की बात कही थी। करीब चार दिन बीतने के बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं हो सकी, इसे लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि इस संबंध में अभी तक तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।