कक्षा में पढ़ातीं नेहरू महाविद्यालय प्रबंध समिति की सचिव इंद्रा दुबे।
- फोटो : CHIBRAMAU
छिबरामऊ(कन्नौज)। नेहरू महाविद्यालय की प्रबंध समिति की सचिव इंद्रा दुबे छात्र-छात्राओं के भविष्य को संवारने के लिए नि:शुल्क शिक्षा दे रही हैं। लगभग पांच साल से वह महाविद्यालय में शिक्षा प्रदान कर रही हैं। शिक्षा के प्रति निष्ठा के चलते वह नगर के लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत बन गई हैं।
नेहरू महाविद्यालय की प्रबंध समिति की सचिव इंद्रा दुबे बताती हैं कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान से प्रेरित हैं। साल 2010 में पति प्रभात दुबे के निधन के बाद उन्हें नेहरू महाविद्यालय की प्रबंध समिति में सचिव पद का दायित्व मिला। शिक्षा से गहरा नाता रहा है। अधिकांश समय किताबों के साथ बीतता है। वह अपने घर में बच्चों को बुलाकर पढ़ाती रही हैं।
30 जून 2008 को संस्कृत के विभागाध्यक्ष डॉ. एसएन त्रिवेदी के सेवानिवृत्त होने के बाद समस्या हो गई। विभाग का खाली रहना सालता था। पांच साल पहले शिक्षा और पढ़ाने का शौक घर की दहलीज लांघकर महाविद्यालय में कक्षाओं तक खींच लाया। उन्होंने पढ़ाना शुरू कर दिया। 20 जून 2016 को हिंदी के विभागाध्यक्ष डॉ. वीएन राय के सेवानिवृत्त होने के बाद यह विभाग भी खाली हो गया। इन कक्षाओं में उन्होंने शिक्षण कार्य शुरू कर दिया। छात्र-छात्राओं की शिक्षा के प्रति निष्ठा को देखते आत्मबल और मजबूत हुआ। वह हिंदी व संस्कृत की कक्षाओं में लेक्चर दे रही हैं। अध्यापन कार्य नि:शुल्क है।
संपन्न परिवार की बहू हैं इंद्रा दुबे
नेहरू महाविद्यालय की सचिव इंद्रा दुबे नगर के सबसे संपन्न परिवार की बहू हैं। वह छात्र-छात्राओं के हितों को सबसे ऊपर रखती हैं। हरदोई से शिक्षा प्राप्त करने वाली इंद्रा दुबे की शादी नगर के प्रमुख व्यवसायी प्रभात दुबे से वर्ष 1976 में हुई थी। ससुर स्वर्गीय राजकिशोर दुबे की प्रेरणा ने उन्होंने नगर के प्रभात कुमार दुबे गर्ल्स इंटर कालेज में साल 1976 से 1981 तक शिक्षण कार्य किया था।