क्षेत्र के ग्राम निगोह खास में डायरिया ने पैर पसार लिए हैं। इसकी चपेट में आने से महिला समेत एक बच्चे की मौत हो गई है। गांव में डेढ़ दर्जन से भी ज्यादा लोग अभी भी डायरिया की चपेट में हैं। कई बीमारों को उपचार के लिए प्राइवेट चिकित्सक के यहां भर्ती कराया गया है, जबकि कई लोगों को सौ शैय्या अस्पताल ले जाया गया। एक साथ इतने लोगों के बीमार पड़ने से पूरे गांव में हड़कंप मचा हुआ है। निगोह खास में ग्राम पंचायत की ओर से बनवाई गई पानी की टंकी से पेयजल आपूर्ति की जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि लगभग दस दिनों से दूषित पेयजल की आपूर्ति हो रही है। इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दी गई थी। शनिवार को जलनिगम की टीम ने गांव आकर पानी का नमूना भी लिया। साथ ही पानी की टंकी की सफाई कराने के भी निर्देश दिए। दूषित पेयजल आपूर्ति से गांव में डायरिया का प्रकोप है। गुरुवार को इस बीमारी की चपेट में आकर प्रमोद सक्सेना की दो वर्षीय बेटी रागिनी की हालत बिगड़ गई।
उसे गांव में ही प्राइवेट चिकित्सक के यहां ले जाया गया। यहां उसकी मौत हो गई। अगले दिन शुक्रवार की शाम आरती (30) पत्नी मुकेश कुमार जाटव की भी मौत हो गई। अभी भी गांव के विपिन (22), रंजना (15), नेहा (11), निक्की (9), कामिनी (5), शिवांग (1), सुशीला (35), शांतिदेवी (65), सुरजीत (19), मुन्नी (55), शशि (20), परवीना (26), राघव (4), जितेंद्र (26), राधा देवी, पूजा समेत कई लोग डायरिया से पीड़ित हैं। इनमें से तीन बीमार सौ शैय्या अस्पताल में भर्ती हैं। कुछ प्राइवेट चिकित्सकों के यहां अपना उपचार करा रहे हैं।