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Kannauj News: सोना तस्करी मामले में नया मोड़, पुलिस सत्यापन पर उठे गंभीर सवाल

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तालग्राम (कन्नौज)। नेपाल कनेक्शन के बाद महाराजगंज में शराब की चार दुकानें संचालित होने के मामले में नया मोड़ आया है। जिला आबकारी विभाग ने लाइसेंस प्रक्रिया में पुलिस सत्यापन का हवाला देकर शनिवार को जिम्मेदारी से किनारा कर लिया है। अब पुलिस सत्यापन पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर 21 अगस्त की रात दो बजे एक घटना हुई थी। तालग्राम के निकवा गांव के पास सकरवारा थाना प्रभारी भागमल सिंह की सरकारी कार में टक्कर मारी गई थी। इस दौरान 10 किलो सोने के साथ सरोज पंथ और संदीप जायसवाल पकड़े गए। संदीप के शराब कारोबार ने जांच एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। संदीप के पिता नेपाल निवासी बताए जा रहे हैं। इसके बावजूद महाराजगंज जिले में उसकी चार शराब दुकानें संचालित होने की जानकारी सामने आई है। शराब दुकानों के लाइसेंस को लेकर सवाल उठने के बाद आबकारी विभाग की भूमिका भी जांच के घेरे में है। जिला आबकारी अधिकारी पुलिस सत्यापन का हवाला देकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
जांच का दायरा
सोने की बरामदगी के बाद इंटेलिजेंस एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं। वे नेपाल कनेक्शन और सोना तस्करी के तार खंगाल रही हैं। जांच में संदीप के नेपाल से संबंध और वहां के कारोबार की पड़ताल हो रही है।
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पुलिस और आबकारी विभाग की भूमिका
महाराजगंज जिला आबकारी अधिकारी अतुल चंद्र द्विवेदी ने बताया कि दूसरे देश के निवासी को लाइसेंस का प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि आबकारी विभाग ने पुलिस सत्यापन के आधार पर ही लाइसेंस आवंटित किए थे। विभाग का मानना है कि इसमें उनकी कोई लापरवाही नहीं है। सवाल यह है कि इतने बड़े शराब कारोबार के सत्यापन में ये तथ्य सामने क्यों नहीं आए। इस पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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