हैंड़पंप सही करते पालिका कर्मी।
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तिर्वा के मेडिकल कालेज प्रशासन ने हाईटेक टू-नेट मशीन के लिए प्रस्ताव भेजा है। यह प्रस्ताव शासन ने मांगा था। सब कुछ ठीक रहा तो एक सप्ताह के अंदर मशीन मिल जाएगी। इससे कोरोना संक्रमण की जांच होगी।
जिले से संदिग्धों के सैंपल केजीएमयू लखनऊ भेजे जाते हैं। इनकी रिपोर्ट दो से चार दिन में मिल पाती है। ऐसी स्थिति में शासन ने मेडिकल कालेज में हाईटेक टू-नेट मशीन लगाने का फैसला लिया है। मेडिकल कालेज ने प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है।
करीब तीन लाख की कीमत वाली इस मशीन से एक दिन में 40 संदिग्धों की जांच की जा सकती है। दो से तीन घंटे में रिपोर्ट आ जाएगी। मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. नवनीत कुमार ने बताया कि एक सप्ताह के अंदर मेडिकल कालेज में हाईटेक टू-नेट मशीन से जांच शुरू हो सकती है।