सत्ता बदली तो कई नए शासनादेश भी जारी होने लगे, जिनसे विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों में खलबली मची हुई है। हाल ही में एक नया शासनादेश जिले के स्वास्थ्य महकमे को मिला है। नए शासनादेश के तहत पीएचसी के पड़ोस में रहने वाले किसी जिम्मेदार व्यक्ति को वालंटियर बनाया जाएगा, जिसका मोबाइल नंबर महानिदेशालय को भेजा जाएगा। वालंटियर से डॉक्टर के आने और जाने की पूरी जानकारी मांगी जाएगी। जिससे समय पर न आने वाले डॉक्टरों पर कार्रवाई की जा सके।
डॉक्टरों के समय से स्वास्थ्य केंद्र पर न पहुंचने और प्राइवेट प्रैक्टिस करने की तमाम शिकायतें व एक जगह काम करते हुए किसी दूसरे जगह भी अपनी संबद्धता बनाए रखने की जैसी तमाम शिकायतें योगी सरकार को मिलीं। अब इन पर लगाम कसने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, अफसर व डॉक्टरों पर सीधी नजर रखने के लिए बनाए गए वालंटियर से सीधे फोन पर बात करेंगे। ये वालंटियर फोन पर स्वास्थ्य केंद्र की साफ-सफाई, सुविधाओं और असुविधाओं के बारे में भी शासन को जानकारी देंगे।
इस संबंध प्रभारी सीएमओ डॉ. एके पचौरी ने बताया कि सभी वालंटियरों की सूची शासन को भेज दी गई है। लिस्ट में पीएचसी के पास के व्यक्ति का नंबर और उसका पूरा ब्यौरा शासन को भेज दिया गया है।
व्हाट्सअप से भेजेंगे फोटो
शासनादेश में पीएचसी कर्मचारियों को आदेश दिए गए हैं कि वे रोज एडिशनल डायरेक्टर हेल्थ को तीन फोटो भेजेंगे, जिनसे पीएचसी का हालात का पता चल सकेगा। पहले फोटो में सभी कर्मचारी पीएचसी के मेन गेट पर खड़े होंगे, दूसरी फोटो में पीएचसी के कमरों की स्वच्छता का हाल दिखाया जाएगा और तीसरी में वहां मौजूद चिकित्सीय सुविधाओं की फोटो होगी।