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ठेकेदारों की लापरवाही, 431 गांव ढिबरी के सहारे

Sat, 02 Sep 2017 12:06 AM IST
kannauj
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प्रतीकात्मक - फोटो : Getty Images
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कन्नौज। जिले के सभी गांव में बिजली की रोशनी पहुंचाने के लिए शासन ने राजीव गांधी विद्युतीकरण के तहत 11वीं व 12वीं योजना के तहत 1576 गांव का चयन किया था। कार्यदायी संस्था को इन गांवों में निर्धारित समय के अंदर काम पूरा करने के निर्देश दिए थे। दोनों योजनाओं की समयसीमा निकल जाने के बाद अभी भी 431 गांवों के लोग ढिबरी के सहारे जीवनयापन करने को मजबूर हैं। लापरवाही होने के बाद भी कार्यदायी संस्था के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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11वीं योजना के 140 गांव बिजली से वंचित
शासन ने विद्युतीकरण का काम पूरा कराने के लिए 26 दिसंबर 2012 को 765 गांवों को 11वीं योजना के तहत काम का ठेका कार्यदायी संस्था एसपी ब्राइट लाइट को दिया था। अनुबंध में दिसंबर 2014 तक सभी गांवों में विद्युतीकरण का काम पूरा करने की बात थी। काम पूरा नहीं हो सका। कभी जिलाधिकारी ने भी ठेकेदारों की बैठक लेकर काम तेज गति में करने के निर्देश दिए लेकिन ठेकेदारों पर असर नहीं हुआ। नतीजतन समय सीमा निकल गई लेकिन 140 गांवों में बिजली नहीं पहुंच सकी। 


 12 वीं योजना के 191 गांव बिजली से वंचित
यही हाल 12 वीं योजना का भी रहा। इस योजना के तहत 28 नवंबर 2015 को 811 गांव को विद्युतीकृत करने के लिए तीन कार्यदायी संस्थाओं को ठेका दिया गया। समय सीमा निकल गई और 12 वीं योजना के 191 गंाव को बिजली नही मिल सकी। अब बिजली विभाग के अधिकारी अपने को बचाने के लिए स्टोर में तार व अन्य सामान की कमी बताकर 31 जुलाई 2017 को स्टोर से सामान उपलब्ध कराने की बात कहकर अपने को बचाने में जुट गए हैं। वहीं सामान देने के बाद पांच दिन में छूटे सभी गांव को विद्युतीकृत करने के निर्देश दे रहे हैं। 
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ये गांव पीएनसी संस्था ने किए सत्यापित
-जिले में कार्यदायी संस्थाओं को विद्युतीकरण के लिए दिए गए1576 गांव में भले ही संस्था 1145 गांव बिजली की रोशनी से जगमगाने का दावा कर रही है पर काम की गुणवत्ता जांचने के लिए लगाई गई पीएनसी संस्था ने केवल 630 गांवों को सत्यापित किया है। 
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शासन को रिपोर्ट भेजने में होता है खेल
-बिजली विभाग की ओर से राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत जिले में भले ही ठेकेदार काम धीमी गति से कर रहे हों, लेकिन बिजली विभाग की ओर से शासन को भेजी जाने वाली रिपोर्ट में हर बार अधिक गांव विद्युतीकृत दिखाए जाते हैं। 

बोले जिम्मेदार------
स्टोर में सामान की कमी के कारण ठेकेदारों को समय से सामान नहीं मिल सका। जिस कारण काम में देरी हुई है। अब ठेकेदारों को सामान उपलब्ध करा दिया गया है। निर्देश दिए गए हैं कि वह पांच दिन में सभी गांव को बिजली उपलब्ध कराए। काम तेज गति से करते हुए संस्था ने अधिकतर गांव में काम शुरू कर दिया है।
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-जीपी यादव (अधीक्षण अभियंता विद्युत कन्नौज)
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