कन्नौज। बहुचर्चित नाबालिग रेप कांड और उसके बाद दर्ज हुए गैंगस्टर एक्ट के मामले में कानूनी कार्रवाई तेज हो गई है। गुरुवार को मामले के मुख्य आरोपी और पूर्व ब्लॉक प्रमुख नवाब सिंह यादव, नीलू यादव व पीड़िता की बुआ को कड़ी सुरक्षा के बीच विशेष गैंगस्टर कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान कोर्ट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। न्यायाधीश ने तीनों के अलग-अलग बयान दर्ज किए।
हाई प्रोफाइल मामला होने के कारण प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। मुख्य आरोपी नवाब सिंह यादव को बांदा जेल से, उसके भाई नीलू यादव को कौशांबी जेल से और सह-आरोपी बुआ को जिला जेल से लाकर अदालत में पेश किया गया। सुरक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे कोर्ट परिसर को पुलिस छावनी में बदल दिया गया था। चप्पे-चप्पे पर ड्रोन कैमरों से नजर रखी जा रही थी।
दो बार गैंगस्टर की कार्रवाई झेल रहे नवाब सिंह यादव और उसके सहयोगियों की यह पेशी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस द्वारा साक्ष्य मिटाने और डराने-धमकाने के आरोपों के बीच यह सुनवाई हुई। बयानों के बाद तीनों को फिर से भारी सुरक्षा घेरे में संबंधित जेलों के लिए रवाना कर दिया गया। फिलहाल, तीनों आरोपी सलाखों के पीछे हैं और मामले की सुनवाई त्वरित गति से चल रही है। सीओ सिटी कुलवीर सिंह ने बताया कि तीनों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा में पेशी के बाद जेल भेज दिया गया।
11 अगस्त 2024 को हुआ था दुष्कर्म कांड
यह मामला 11 अगस्त 2024 की रात से शुरू हुआ था। पुलिस ने नवाब सिंह यादव को चौधरी चंदन सिंह महाविद्यालय से गिरफ्तार किया था। एक 15 वर्षीय नाबालिग अपनी बुआ के साथ नौकरी की तलाश में कॉलेज गई थी। आरोप है कि बुआ के हटते ही नवाब सिंह ने नाबालिग के साथ जबरदस्ती की। पीड़िता की सूझबूझ और तत्काल फोन कॉल की वजह से पुलिस ने मौके पर ही नवाब सिंह को दबोच लिया था।
नीलू पर साक्ष्य प्रभावित करने का आरोप
नवाब के भाई नीलू यादव पर आरोप है कि उसने गिरफ्तारी के बाद पीड़िता को धमकी दी। उस पर प्रलोभन देने और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश करने का भी आरोप है। सह-आरोपी बुआ पर भी मामले में संलिप्तता के आरोप हैं। इन आरोपों के चलते तीनों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। कानूनी कार्रवाई के तहत ही गुरुवार को उनकी पेशी हुई।