गुगरापुर, कन्नौज। 15-20 दिनों से तेज धूप और लू से जूझ रहे क्षेत्रवासियों को रविवार से और भीषण गर्मी के लिए तैयार रहना होगा। अब सूरज की तपिश और ज्यादा बढ़ेगी। नौतपा 25 मई से शुरू होकर दो जून तक चलेगा। नौतपा में नौ दिन सबसे अधिक गर्म माने जाते हैं। इसीलिए इसे नौतपा कहा जाता है।
सनातन मान्यता के अनुसार हर साल ज्येष्ठ मास की शुरूआत नौतपा से होती है। इसमें सूर्य का 15 दिनों के लिए रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश होता हैं। जिसके चलते पहले के नौ दिन सर्वाधिक गर्मी वाले होते हैं। इन्हीं शुरुआती नौ दिनों के कारण इसे नौतपा कहा गया है। यानी 25 मई से दो जून तक सबसे अधिक गर्मी रहेगी ज्योतिष शास्त्र के अनुसार नौतपा को अच्छी बारिश का संकेत माना जाता है।
वैदिक आचार्य पंडित विशाल तिवारी के अनुसार नौतपा के दौरान सूर्य, मंगल, बुध का शनि से समसप्तक योग होने के चलते धरती के तापमान में वृद्धि होगी। इस कारण गर्मी और बढ़ेगी। बताया कि रोहिणी नक्षत्र का अधिपति ग्रह चंद्रमा और देवता ब्रह्मा हैं। सूर्य ताप, तेज और चंद्र शीतलता का प्रतीक होता है। इसलिए चंद्र से धरती को शीतलता तो सूर्य से गर्मी मिलती है, लेकिन नौतपा में सूर्य, चंद्र के नक्षत्र रोहिणी में प्रवेश कर सबको अपने पूर्ण प्रभाव में ले लेते हैं।
चंद्र के नक्षत्र में सूर्य के आने से चंद्र के शीतल प्रभाव क्षीण हो जाते हैं और चंद्रमा की शीतलता फीकी पड़ने लगती है। इस कारण गर्मी अधिक पड़ती हैऔर तापमान में वृद्धि होनी शुरू हो जाती है। कहा कि सनातन धर्म में नौतपा का विशेष धार्मिक महत्व है। इस दौरान सूर्य देव को प्रसन्न करने के उपाय किए जाते हैं, जिससे जीवन में सुख-समृद्धि और मान-सम्मान की वृद्धि होती है। इन नौ दिनों में सूर्य देव को नारियल पानी, काला तिल, जौं, गुड़, और केसर दूध अर्पित करने से सकारात्मक फल प्राप्त होते हैं और ग्रह दोष कम होते हैं।
नौतपा को लेकर बोले वैज्ञानिक
मौसम वैज्ञानिक डाॅ. अमरेंद्र कुमार का कहना है कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी नौतपा का महत्व मान्य है। नौतपा के दौरान सूर्य की किरणें सीधी पृथ्वी पर पड़ती हैं, जिस कारण तापमान अत्यधिक बढ़ता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अधिक गर्मी के कारण मैदानी क्षेत्रों में निम्न दबाव का क्षेत्र विकसित हो जाता है। वहीं, समुद्र में उच्च दबाव के क्षेत्र बना होता और इसकी वजह से हवाओं का रुख मैदानी क्षेत्रों की ओर आकर्षित होता है, जिससे अच्छी बारिश का संकेत मिलता है। मई माह में तापमान के लगातार बढ़ने से गर्मी से जूझ रहे लोगों की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ जाएंगी। हालांकि अधिकतम तापमान कम और ज्यादा हो रहा है।