नवदुर्गा उत्सव मकरंदनगर में चल रही श्रीराम कथा के
दौरान मंगलवार को कथा वाचक छोटे मुरारी बाबू ने राम बनवास व केवट संवाद की
कथा सुनाई।
उन्होंने कहा कि धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन करना पुण्य का
कार्य है। साथ ही कथा सुनना भी ईश्वर की कृपा के समान है। उन्होंने कहा कि
इनसान को सत्य व धर्म का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए। वहीं अपने माता-पिता की
आज्ञा का पालन करना चाहिए। भगवान राम ने अपने पिता दशरथ के वचन को पूरा
करने के लिए 14 वर्ष वनवास में बिताए।
मंगलवार को पांडाल में महिलाओं की
भारी भीड़ उमड़ी। कथा के दौरान अमित मिश्रा, रामू शुक्ला, प्रवनेंद्र
शुक्ला, सोमप्रकाश शुक्ला, अविनाश दुबे, पुनीत पांडे आदि लोग मौजूद थे।
आयोजक संजय मेहरोत्रा ने बताया कि 21 को दोपहर 12 बजे से कन्या भोज कराया
जाएगा।