कच्ची गलियों में जलभराव की समस्या से जूझ रहे विकास खंड तालग्राम के नैनापुर गांव में व्याप्त समस्याओं का सर्वे करके सात दिन के अंदर रिपोर्ट भेजने की जिम्मेदारी सीडीओ को सौंपी गई है। इसके बाद डीएम समस्या का समाधान कराने के लिए उचित कार्रवाई करेंगे। नैनापुर गांव के लोगों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया था, जिसे अमर उजाला ने 17 मार्च को शहर चमकदार, गांवों में समस्याएं बरकरार शीर्षक से प्रकाशित किया था।
नैनापुर गांव में ज्यादातर गलियां कच्ची हैं। मुख्य गली में ही घुटनों तक कीचड़युक्त पानी भरा हुआ है। इस पर दर्जनों ग्रामीणों ने सुधीर यादव के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला था। बाद में कलेक्ट्रेट में डीएम कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया था। नैनापुर गांव में आवागमन की समस्या का समाधान कराने के लिए डीएम अनुज कुमार झा ने पहल की है। सीडीओ उदयराज यादव को निर्देश दिए हैं कि वे इस गांव की स्थलीय जांच कराएं। जो भी स्थिति है उसकी रिपोर्ट सात दिन के अंदर बनाकर भेजें। इसके बाद जलभराव वाले स्थान पर मिट्टी का भराव कराकर समतल कराया जाएगा। जरूरत के अनुसार कहीं पर खड़ंजा संपर्क मार्ग तो कहीं सीसी रोड का प्रस्ताव भी किया जाएगा।
जलालपुर का हाल देखें पीडी व एक्सईएन
डीएम ने लोकनिर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता और जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक को निर्देश दिए हैं कि वे मतौली के मजरा जलालपुर पहुंचकर खस्ताहाल सड़क का जायजा लें। जांच कर रिपोर्ट दें कि सड़क को कितना ऊंचा करने की जरूरत है और जल निकास के लिए कितनी लंबी नाली बनवाने है। एक्सईएन व पीडी की जांच आख्या आने के बाद सड़क पर जलभराव व उसके क्षतिग्रस्त हो जाने की समस्या का समाधान किया जाएगा। इस समस्या के समाधान कराने की जिम्मेदाराी भी सीडीओ के हवाले की गई है।
प्रधान व सचिवों की आएगी शामत
विकास भवन के अफसरों की मानें तो ग्राम पंचायत स्तर पर बजट की कमी नहीं है, लेकिन प्रधान व सचिव उसे खर्च करने में कंजूसी करते हैं। गांव की गलियों में नाली बनवाने व कम से कम खड़ंजा बिछवाने का काम प्रधान करा सकते हैं। इसके लिए पंचायत राज विभाग की तरफ से उन्हें बजट भी दिया जाता है। मनरेगा से भी मिट्टी भराव का कार्य कराकर जलभराव की समस्या हल की जा सकती है। लेकिन सचिव प्रधान ऐसा नहीं कर रहे। कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन के बाद नैनापुर व जलालपुर के सचिव व प्रधान से भी जल्द ही स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा।