गुरसहायगंज। पांच दिन तक काली नदी में कई किलोमीटर तक छानबीन के बाद भी दीपा का शव नहीं मिला। एसडीआरएफ टीम शनिवार शाम लखनऊ लौट गई।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम रौरा निवासी सर्वेश जाटव और उसके भाई कमलेश ने पुत्री दीपा की दो अगस्त को हत्या कर शव काली नदी में फेंक दिया था। घटना के दूसरे दिन चाचा कमलेश ने कोतवाली जाकर हत्या कबूल कर ली थी। इसके बाद से एसडीआरएफ टीम के प्रभारी उप निरीक्षक देवानंद के नेतृत्व में दीपा का शव काली नदी में तलाश किया जा रहा है। शनिवार को शव न मिलने के बाद एसडीआरएफ लखनऊ लौट गई।
कोतवाल राजा दिनेश सिंह ने बताया कि पांच दिन के प्रयास के बाद भी दीपा का शव मिला। जिसके बाद एसडीआरएफ की टीम लौट गई है। जानकारी अधिकारियों को दी गई है, निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।