तिर्वा। ग्राम अहेर में विवाहिता की मौत के मामले में मायके पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने शुक्रवार को पति समेत सात ससुरालीजनों पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज की है। सूत्रों के अनुसार विवाहिता के शरीर पर पांच चोटें मिली है, लेकिन हार्ट अटैक से मौत की पुष्टि हुई है। मायके पक्ष ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर असंतोष जताते हुए दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की है और शव का अंतिम संस्कार नहीं किया है। घर के बाहर 24 घंटे से शव रखा हुआ है।
कानपुर देहात के रसूलाबाद थाना क्षेत्र के भीखदेव गांव निवासी उमर फारुख ने बताया कि बेटी शबीना की शादी 10 वर्ष पहले अहेर गांव निवासी अल्ताफ उर्फ कल्लू के साथ की थी। आरोप है कि सात वर्ष पहले दहेज उत्पीड़न को लेकर उन्होंने ससुरालीजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। बाद में संभ्रांत लोगों के हस्तक्षेप से दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था। सात अक्तूबर को सुबह 11.30 बजे शबीना ने फोन कर बताया कि ससुरालीजन उसको पीट रहे हैं और उसे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
आठ अक्तूबर को बेटा अहेर गांव पहुंचा तो शबीना चारपाई पर मरणासन्न हालत में पड़ी मिली। हालत गंभीर होने पर अल्ताफ राजकीय मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां से कानपुर रेफर कर दिया गया। रास्ते में ही शबीना की मौत हो गई। पिता की तहरीर पर पुलिस ने पति अल्ताफ उर्फ कल्लू, जेठ शब्बीर, जेठानी शहना, खुर्शीद, सलमान, शब्बान और समीर के विरुद्ध हत्या की प्राथमिकी दर्ज की है।
उधर, मायके पक्ष ने उच्चाधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। इसी मांग को लेकर शव गांव में रखा है। मामले में पुलिस की कार्रवाई और दोबारा पोस्टमार्टम को लेकर अधिकारियों के निर्णय का इंतजार है। कोतवाल संजय कुमार शुक्ला ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। मायके पक्ष के लोग दोबारा पोस्टमार्टम कराने को लेकर उच्चाधिकारियों को प्रार्थना पत्र देने गए हैं। उच्चाधिकारियों के आदेश पर कार्रवाई की जाएगी।