तालग्राम। क्षेत्र की एक अपहृत किशोरी को पुलिस 42 दिन बाद भी नहीं ढूंढ सकी जबकि एक माह पहले इस मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष को हटा दिया गया था। मुख्यमंत्री और डीआईजी को शिकायत पत्र देकर मां ने बेटी को ढूंढ निकालने की गुहार लगाई है। महिला का आरोप है कि केस तो दर्ज कर लिया, लेकिन पुलिस आरोपियों पर कार्रवाई नहीं कर रही है।
थाना क्षेत्र की एक गांव निवासी पीड़ित महिला ने सीएम और डीआईजी को भेजे पत्र में बताया कि उसकी 17 वर्षीय पुत्री कक्षा 10 की छात्रा थी। 18 अक्टूबर को गांव का छोटू बहला-फुसलाकर कर ले गया। पूर्व प्रधान चंद्रप्रकाश समेत तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी, लेकिन अभी तक पुलिस किशोरी की तलाश नहीं कर सकी है। आरोप लगाया कि कई बार थाने जाकर जानकारी करनी चाही तो परिजनों को भगा दिया गया। आरोपी उसकी पुत्री को जबरदस्ती रखे है। परिजनों ने पूर्व प्रधान चंद्र प्रकाश पर पुलिस को घूस देने और लड़की को दो माह तक नहीं छोड़ने की बात कहने का आरोप लगाया है। बताया कि इस का मोबाइल ऑडियो रिकार्डिंग भी मौजूद है। शिकायत पर एसपी ने तत्कालीन थानाध्यक्ष शशिकांत कनौजिया को हटा दिया था। इसके बाद भी पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। आरोपी अब जान से मार देने की धमकी दे रहे हैं। परिजनों ने महिला आयोग में शिकायत करने की बात कही है। थाना प्रभारी ध्यानेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि किशोरी की तलाश की जा रही है।