करवाचौथ पर सुहागिनों ने पति की दीर्घायु की कामना की। चांद का दीदार कर पति की छवि छलनी में निहारी और पैर छूकर आशीर्वाद लिया। पति के हाथ पानी पीकर व्रत तोड़ा। चांद के दिखते ही बच्चों, बड़ों ने पटाखे फोड़कर खुशी का इजहार किया। देर रात तक त्योहार की चहलपहल बनी रही।
शाम होते ही सुहागिनें चांद का इंतजार करने लगीं। 8:51 पर चांद दिखा तो सुहागिन पूजा की थाल लेकर छतों पर पहुंच गईं। पति की लंबी आयु की प्रार्थना भगवान से की। इसके बाद पति के दर्शन के बाद अपना व्रत तोड़ा। दूसरी ओर चांद के दिखने पर लोगों ने खुशी का इजहार किया और पटाखे दागे। पर्व को लेकर देर रात तक उल्लास का माहौल नजर आया।
कई पतियाें ने भी रखा व्रत
पति-पत्नी के रिश्ते की गांठ को मजबूती देने वाले इस पर्व पर कई पतियों ने भी व्रत रखा। शहर के कई पुरुषों ने नाम न छापने पर बताया कहा कि भाई नाम न लिखना घर और मोहल्ले में टांग खिंचाई होगी। उधर, महिलाओं का पूरा दिन हाथों में पिया के नाम की मेंहदी रचाने में बीत गया।
संवरने की चाहत बनी रही
निर्जला व्रत की वजह से भले ही महिलाओं के चेहरे पूरे दिन मुरझाये रहे हों, लेकिन उनमें सजने-संवरने की चाहत बनी रही। अनेक महिलाएं ब्यूटी पार्लरों की लाइन में लगी रहीं तो कुछ अपने घरों और पड़ोसी लड़कियों से मेहंदी रचाती रहीं।