फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टीचरों की निगरानी @ व्हाट्स अप

Fri, 09 Jan 2015 11:55 PM IST
अमर उजाला, ब्यूरो, कन्नौज
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में शैक्षिक गुणवत्ता व विद्यालयों में शैक्षिक माहौल तैयार करने के लिए डीएम अनुज झा ने सोशल नेटवर्किंग को हथियार बनाया है। इसके जरिए टीचरों की स्कूल में उपस्थिति की खोज-खबर ली जाएगी। इस प्रक्रिया को शुरू करने का विभाग ने ताना-बाना बुन लिया है। एक सप्ताह के अंदर इसकी शुरुआत हो जाएगी।
विज्ञापन


बेसिक शिक्षा विभाग में प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में टीचरों की शत प्रतिशत उपस्थित दर्ज कराने के लिए पूरा प्रशासनिक अमला अपना जोर लगा चुका है। लेकिन शिक्षकों पर तमाम कार्रवाइयों का कोई असर नहीं हो रहा है। नतीजा छात्र संख्या गिरने के साथ शिक्षा की गुणवत्ता भी बेहद खराब हो रही है।

इसी के चलते डीएम अनुज झा ने सोशल नेटवर्किंग साइट व्हाट्स अप के सहारे गायब रहने वाले शिक्षकों की धरपकड़ की रणनीति बनाई है। इसके तहत टीचरों की प्रतिदिन स्कूल में मौजूद होने की अपनी फोटो व्हाट्सअप में डालनी होगी। उपस्थित का दैनिक अनुश्रवण करने के लिए टीचर, सह समन्वयक एवं खंड शिक्षाधिकारी के साथ व्हाट्सअप पर ग्रुप बनाया जाएगा।
विज्ञापन


इसमें आठ ब्लाकों में नियुक्त किए गए 40 सह समन्वयक 45 से 50 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को अपने साथ जोड़कर हाजिरी का दैनिक अनुश्रवण कर बीईओ को अपनी रिपोर्ट प्रेषित करेंगे। गैर हाजिर रहने वालों टीचरों के खिलाफ बीएसए स्तर से कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारी स्तर पर स्मार्ट फोन की स्थित
बेसिक शिक्षाधिकारी के पास स्मार्ट फोन है, जबकि नियुक्त पांच जिला समन्वयकों में महज दो के पास स्मार्ट फोन हैं। खंड शिक्षाधिकारी के जिले में 9 पद सृजित हैं। इसमें 6 पर नियुक्ति है। दो के पास स्मार्ट फोन। सह समन्वयकों के पास स्मार्ट फोन की उपलब्धता के आंकड़े जुटाए जा रहे हैं।

40 फीसदी शिक्षकों के पास स्मार्ट फोन
जिले में प्राइमरी में शिक्षकों की संख्या 3245 है। जबकि उच्च प्राइमरी विद्यालयों में 1197 शिक्षक कार्यरत हैं। इसमें 40 फीसदी शिक्षकों के पास ही स्मार्ट फोन है। शेष शिक्षक सामान्य फोनों से काम चला रहे हैं।

शिक्षकों को देना पड़ेगा प्रशिक्षण
प्राइमरी व उच्च प्राइमरी विद्यालयों में पढ़ाने वाले बड़ी संख्या में शिक्षक वर्षो से सामान्य फोनों का इस्तेमाल करते चले आ रहे हैं। विभाग की मानें इनमें कुछ ऐसे भी प्रधानाध्यापक हैं, जो कि सामान्य फोन की सही ढंग से नहीं चला पाते। ऐसे शिक्षकों को पहले व्हाट्सअप चलाने का प्रशिक्षण देना पड़ेगा।

शिक्षकों के पढ़ाने की विधि भी जांची जाएगी
जिलाधिकारी अनुज झा ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों की शैक्षिक गुणवत्ता नहीं सुधर पा रही है। पिछले दिनों लखनऊ में बैठक के दौरान चीफ सेक्रेटरी ने इस तरह की व्यवस्था शुरु करने के निर्देश दिए थे। जिसके क्रम में इस प्रक्रिया को अमली जामा पहनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले शिक्षकों की उपस्थित जांची जाएगी। इसके बाद व्हाटसप के जरिए शिक्षकों की पढ़ाने की विधि को भी देखा जाएगा।

प्रदेश का माडल जनपद बनेगा कन्नौज
बेसिक शिक्षाधिकारी रामकरन यादव ने कहा कि कन्नौज जिले को प्रदेश का माडल जिला बनाया जाएगा। शिक्षा में गुणात्मक सुधार करने की कोशिश की जा रही है। डीएम के निर्देश पर व्हाट्सअप प्रक्रिया को शुरू करने के लिए पूरा खाका तैयार कर लिया गया है। प्रयोग के तौर पर सबसे पहले कन्नौज ब्लाक लिया जाएगा। इसके बाद अन्य सातों ब्लाक में इस नेटवर्क को बड़े पैमाने पर फैलाया जाएगा।

सोमवार को होगा प्रशिक्षण
कन्नौज। व्हाट्सअप प्रक्रिया शुरू कराए जाने के लिए प्रभारी बनाए गए सह समन्वयक प्रसेनजीत वैस ने बताया कि इस प्रक्रिया को पहले प्रयोग के तौर पर कन्नौज ब्लाक से शुरुआत की जाएगी। जिसके तहत सोमवार को कन्नौज ब्लाक के चयनित नवीन सह समन्वयकों को बुलाया गया है। जिनको इस प्रक्रिया के बारे में विधिवत से समझाया जाएगा।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें