अपने गांव की पाठशाला में पढ़ने का सपना देख रहे दर्जनों बच्चों के अरमानों पर कार्रदाई संस्थाएं पानी फेरने का काम कर रही हैं। अपने ही गांव में हाईस्कूल तक की शिक्षा के लिए शासन ने जिले में तीन माडल स्कूल व 11 नवीन हाईस्कूलों के निर्माण के लिए चार वर्ष पहले योजना बनाई थी।
उसी दौरान कार्रदाई संस्थाओं को धनराशि भी अवमुक्त कर दी गई। इसके बाद भी संस्थाओं की लापरवाही सें काम आज तक पूरा नहीं हो सका है।
वर्ष 2010-11 में गंगधरापुर, फतेहपुर जसोदा में माडल स्कूल निर्मित करने की जिम्मेदारी यूपीसीसीएल को दी गई। चार साल गुजर जाने के बाद भी भवन अभी तक डीआईओएस विभाग को हस्तानांतरित नहीं हुआ। विभाग ने कार्रदाई संस्था को दोनों माडल स्कूलों के निर्माण के लिए 37-37 लाख की धनराशि हस्तानांतरण की है।
जबकि बिरौली फैक्स पेड की ओर से निर्मित हो रहे माडल स्कूल में भेजी गई धनराशि का ही कार्रदाई संस्था उपभोग नहीं कर सकी है। इसके अलावा वर्ष 2010-11 के किशई जगदीशपुर, जोगनीपुर, भोजपुर निगोह, फुलवारी, डयोढ़ा में उच्चीकृत विद्यालय बनाए जा रहे हैं।
2011-12 में राजकीय हाईस्कूल रामखेड़ा, भंवरगाढ़ा, गुगरापुर, वैसावारी, मुरैया बुजर्ग, हूसेपुर करनपुर का निर्माण कराया जा रहा है। इसमें मुरैया बुजुर्ग, हूसेपुर विद्यालय विभाग को हस्तानांतरित हो चुका है। शेष विद्यालयों में भी विभाग के मुताबिक 90 फीसदी कार्य पूर्ण है।
इन सभी कार्रदाई संस्थाओं को जनवरी तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। डीआईओएस से जब इस संबंध में वार्ता की गई तो उनका कहना था कि उच्चीकृत विद्यालयों में कक्षाएं संचालित हैं। इसके अलावा मॉडल स्कूलों को भी समय पर हैंडओवर करने के प्रशासन ने कार्रदाई संस्थाओं को निर्देश हैं।