कन्नौज। जिला अस्पताल में प्रदेश की कायाकल्प टीम ने सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे पहुंचकर ओपीडी, लेवर रूम, एनआरसी, एसएनसीयू, पैथोलॉजी, रसोई के अलावा वार्डों में पहुंचकर करीब ढाई से तीन घंटे तक निरीक्षण किया। एनआरसी वार्ड में दुर्गंध के कारण टीम सदस्य अंदर घुसने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। बाद में किसी तरह टीम अंदर पहुंची। वार्ड का मुआयना किया। रसोई में दुर्गंध का पता लगाया। यहां मलाई से घी बनाने की जानकारी हुई। रसोई में गंदगी पर टीम ने नाराजगी जाहिर की। कहा कि यह बच्चे कुपोषित होने की वजह से भर्ती होते हैं। उन्हें अच्छा माहौल व भोजन प्रदान करें।
कायाकल्य टीम की सदस्य व गुणवत्ता नियंत्रक पुष्पा सिंह, गुणवत्ता नियंत्रक हास्पिटल डॉ.आरिफ व डॉ.सुनील प्रजापति ने प्रसव वार्ड का निरीक्षण किया। स्टाफ नर्स से पूछताछ की। प्रसव कक्ष से बाहर निकलने पर दस्ताने को हटाने की प्रक्रिया पूछने पर स्टाफ नर्स ने दस्ताने को दूसरे हाथ से पकड़कर हटा दिया। गुणवत्ता नियंत्रक ने कहा कि इसमें विशेष सावधानी बरतनी है। प्रसव की बारीकियों के बारे में भी पूछताछ की। वृद्धजन वार्ड के समीप बने वाशरूम का निरीक्षण किया। वाशबेसिन में नीचे पाइप नहीं लगा था। इस पर टीम ने नाराजगी जताई। एसएनसीयू वार्ड का निरीक्षण किया। स्टाफ को निर्देश दिए कि इस वार्ड में सावधानी बरतने की जरूरत है। बच्चों को एक जैसा तापमान प्रदान दिया जाए। पैथोलॉजी कक्ष में पिछले पंद्रह दिनों में हुईं जांचों के बारे में पूछताछ की।
डॉट्स सेंटर कक्ष में फिनायल नहीं मिली। कायाकल्प टीम ने अस्पताल के गार्डन का भी निरीक्षण किया। अस्पताल के मुख्य गेट पर अतिक्रमण को लेकर सीएमएस से जल्द हटवाने के लिए कहा। निरीक्षण के बाद पत्रकारों के सवालों के जवाब में टीम ने बताया कि छह बिंदुओं पर जांच की गई है। यह रिपोर्ट स्कोर कर शासन को सौंपी जाएगी। इसके बाद केंद्रीय टीम निरीक्षण करेगी। अस्पताल में संसाधनों की कमी है। कई जगह गंदगी मिली है। साफ-सफाई के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान सीएमएस यूसी चतुर्वेदी, जिला अस्पताल मैनेजर सहित अन्य मौजूद रहे।
कैंटीन के निरीक्षण में बाहर से बंद मिला ताला
कायाकल्प की टीम अस्पताल में भर्ती होने वाले रोगियों को दिए जाने वाले खाने के लिए किचन का निरीक्षण करने पहुंची। यहां बाहर से ताला लटका मिला। इस पर मुख्य रसोइया को खोजा गया। कुछ देर बाद उसने ताला खोला। किचन के अंदर सब कुछ अस्त-व्यस्त मिला। सब्जियों व दूध को रखने के लिए फ्रिज नहीं था। कैंटीन में रसोइया को रख दिया गया। उसका स्वास्थ्य परीक्षण नहीं कराया गया। निरीक्षण के समय रसोइया एप्रन नहीं पहने था। खाना देने के लिए ट्राली भी नहीं मिली।
नहीं दे पाए संतोषजनक जवाब
कायाकल्प की टीम ने वार्डों के निरीक्षण के दौरान स्टाफ नर्स सहित अन्य लोगों से पूछताछ की तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहा था। सभी एक दूसरे पर टरका रहे थे। इस पर सीएमएस को निर्देश दिए कि वह पैथोलॉजी, लेवर रूम, एसएनसीयू, एनआरसी वार्ड सहित अन्य जगहों पर एक-एक नोडल बनाएं, उनसे रिपोर्ट लें।