चोरी की बाइक घर में रखे होने की सूचना पर गुरसहायगंज कोतवाली व स्थानीय पुलिस ने एक मकान पर छापा मारा और दो दरवाजे व एक कमरे का ताला तोड़कर कमरे में रखीं तीन बाइकें उठा ले गए। घर में मौजूद नाबालिगों के विरोध करने पर गाली-गलौज कर मारपीट कर दी।
पुलिस के जाने के बाद पीड़ित ने मोहल्ले के लोगों को घटना बताई। बेकसूर के घर पुलिस का नंगनाच देख स्थानीय लोगों का पुलिस के खिलाफ आक्रोश पनप गया। पीड़ितों के साथ कस्बे के आधा सैकड़ा से अधिक लोगों ने एसपी से मिलकर पूरी घटना बताई है और गुरसहायगंज कोतवाल समेत पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
गुरुवार की देर रात कस्बा के मोहल्ला इमाम चौक में गुरसहायगंज कोतवाल अमर सिंह पाल सिंह के साथ करीब एक दर्जन पुलिस कर्मियों ने मोहल्ला निवासी इरफान पठान के घर छापा मारा। दरवाजा न खोलने पर पुलिस ने मेन गेट का दरवाजा तोड़ डाला और अंदर घुस आई। घर में चोरी की बाइकें होने की बात कही।
घर की महिलाओं के मना करने पर पुलिस ने घर के अंदर एक अन्य कमरे का दरवाजा तोड़ दिया। इसके बाद छोटे भाई रिजवान के कमरे का ताला तोड़कर तीन बाइक जबरन उठा ले गए। पीड़ित इरफान ने बताया कि रात 12.30 बजे पुलिस के जबरन घर में दरवाजा तोड़कर घुसने पर वह डर गया और घर के पीछे से मोहल्ले में भाग गया। घटना की जानकारी मोहल्ले वालों को दी। पीड़ित ने बताया कि पुलिस ने उसकी पुत्री शकीना बानो, ताबरीन, असरा को भद्दी-भद्दी गालियां दीं।
जमकर उत्पात मचाते हुए पुलिस कमरे में रखा रिजवान की पत्नी का बक्सा उठा ले गई। इरफान ने बताया कि उसके भाई रिजवान के कमरे से भाई, उसकी शादीशुदा पुत्री फरजाना व कन्नौज में रहने वाले चचेरे भाई परवेज की बाइक उठा ले गए है। तीनों गाड़ियों के कागज उसके पास मौजूद हैं। पीड़ित का कहना है कि उसके खिलाफ किसी प्रकार की कोई शिकायत नहीं है और न ही किसी के साथ कोई झगड़ा हुआ है। वह खेती करता है। पुलिस ने गरीबी देखकर उसके घर तोड़फोड़ व तांडव किया है।
इस संबंध में गुरसहायगंज कोतवाला अमर पाल सिंह का कहना है कि चोरी की बाइक होने की सूचना पर दबिश गई थी। कमरे से तीन बाइकें मिलीं थीं। जिन्हें उठाकर कस्बे में जीटी रोड पर रहने वाले आदर्श नारायण पाठक के घर रखवा दी हैं। यदि बाइकों के कागज हैं, तो वापस कर दी जाएंगी।
पीड़ितों ने एसपी को बताई पुलिस की बर्बरता
करीब आधा सैकड़ा लोग आज एसपी दिनेश कुमार पी से मिले और उन्हें घटना की जानकारी दी। पीड़ित इरफान ने पुलिस को दिए प्रार्थनापत्र में कहा कि गुरुवार की रात 12 बजे गुरसहायगंज कोतवाल अमर पाल सिंह, सिपाही सर्वेश व अन्य पांच, छह पुलिस कर्मी दरवाजा तोड़कर जबरन घर में घुस आए और गालियां देकर तोड़फोड़ की। लूट का आरोप भी लगाया। तीन बाइकें उठाकर ले जाने की बात भी कही।
पुत्री शकीना बानो व शाबरीन के साथ अभद्रता का आरोप लगाते हुए एसपी से आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है। एसपी दिनेश कुमार पी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीओ सदर को जांच सौंप दी है। उन्होंने गुरसहायगंज कोतवाल को जमकर फटकार लगाई और कहा कि चोरी की बाइक की सूचना देने वाले युवक को उसके सामने पेश किया जाए। उन्होंने पीड़ितों को न्याय का भरोसा दिया है।
बरामद माल कोतवाली क्यों नहीं लाई पुलिस
गुरसहायगंज पुलिस को बीती रात शक की सूचना पर कार्रवाई करना महंगा पड़ गया। सफलता हाथ लगती न देख पुलिस ने पहले अपना गुस्सा घर की महिलाओं पर उतारा। इसके बाद पुलिस ने घर से बरामद बाइकें कोतवाली न ले जाकर पड़ोस में एक परिचित के घर रखवा दीं। जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस ने किसी घर से बाइक व बक्सा बरामद किया है, तो उसकी लिखा पढ़ी क्यों नहीं की। उसे किस उद्देश्य से कोतवाली के बजाय दूसरे के मकान में रखवाया।