र्दी में धूप में बैठे बृध्द। संवाद
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कन्नौज। जिले में शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है। गुरुवार बर्फीली हवाएं चलने से लोग घरों में कैद होकर रह गए। 9.6 किमी प्रति घंटा रफ्तार से हवा चलने से न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गेहूं की फसल को हालांकि इस ठंड से फायदा बताया गया है, लेकिन अगर तापमान गिरा और पाला पड़ने लगा तो सब्जियों को नुकसान की आशंका है।
गुरुवार का दिन सीजन का सबसे ठंडा रहा। पारा काफी नीचे लुढ़क आया है, जिससे कंपकंपी के साथ-साथ लोगों की दिनचर्या पर खासा असर पड़ा है। सुबह से शीतलहर चलने के कारण लोग ठिठुरन महसूस करते रहे। तमाम बच्चे व बुजुर्गों को घर के बाहर नहीं निकलने दिया गया। सुबह 11 बजे धूप निकलने के बाद भी लोगों को ठंड से निजात नहीं मिली। इसकी वजह से जरूरतमंद व नौकरीपेशा लोग ही पूरे शरीर को ढंककर बाहर निकले। शाम पांच बजते ही अंधेरा छा गया। इससे फुटपाथ व ठेला दुकानदार समय से पहले घरों की ओर निकल गए। शाम सात बजते ही शहर की मुख्य सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। इससे बाजारों में भी रौनक गायब रही और लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेते रहे। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिन जिलेभर में धुंध का प्रकोप रहेगा तथा ठंड और बढ़ सकती है। कई इलाकों में पाला पड़ने की भी संभावना है।
गेहूं की फसल को फायदा, सब्जियों को नुकसान
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह ठंड गेहूं के लिए काफी लाभदायक है। कृषि विभाग के उपनिदेशक आरएन सिंह ने बताया कि जिले में पड़ रही ठंड गेहूं के लिए वरदान मानी जा सकती है। कहा कि अगर पाला पड़ता है तो आलू व सरसों की फसल के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। टमाटर की फसल तैयार होने में देर हो सकती है। मिर्च की फसल को भी पाले से नुकसान होता है। मौसम वैज्ञानिक अमरेंद्र यादव ने बताया पांच डिग्री तक तापमान गिर सकता है। हवाएं चलने से अगली सुबह पाला पड़ने की संभावना रहती है। उन्होंने बताया कि इस समय जिले में अमरूद की फसल भी खराब हो सकती है।