मेडिकल कॉलेज में निरीक्षण के दौरान करोड़ों के मेडिकल उपकरणों को जंग खाते देख प्रमुख सचिव ने नाराजगी जताई। इस दौरान उन्हें आईसीयू और एनआईसीयू में वेंटीलेटर भी ठप मिले। इमरजेंसी में सीनियर डाक्टरों का अभाव मिला। ओपीडी में कुछ चिकित्सक नदारत भी मिले। फैकल्टी के टीचरों का कोरम अधूरा मिला। यह हालत देख उन्होंने मेडिकल कालेज के प्राचार्य को तीन माह का अल्टीमेटम देते हुए व्यववस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए।
मंगलवार दोपहर 11:30 पर प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा व प्रशिक्षण के प्रमुख सचिव अनूप पांडेय सबसे पहले इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे। यहां उनको ड्यूटी के दौरान दो सीनियर डाक्टर गायब मिले। उधर रेडियोलॉजी सेक्शन में सिटी स्कैन व एमआरआई की सुविधा नहीं मिली। माडल ओटी में भी कई खामियां नजर आईं।
ओटी में आपरेशनों की संख्या कम मिली। टेकभनीशियन न होने से आईसीयू व एनआआईसीयू में वेंटीलेटर ठप मिले। ओपीडी के निरीक्षण के दौरान छह डाक्टर ड्यूटी से गायब मिले। ब्लड बैंक में पिछले दो माह से ब्लड डोनेशन कैंप नहीं लगा। जिससे यहां लगी मशीनें बेकार साबित हो रही हैं।
माइक्रोबायोलाजी लैब के निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव ने मलेरिया, डेंगू व एचआईबी के परीक्षण के संबंध में जानकारियां ली। इस दौरान राजकीय पैरा मेडिकल कालेज में एक्सरे टेक्नीशियन व लैब टेक्नीशियन के प्रशिक्षण कोर्स करने वाले स्टूडेंटस ने प्रमुख सचिव के समक्ष अपनी समस्या रखीं। बताया कि उनका बैच तो 11 सितंबर से प्रारंभ हो गया है, पर उनके आवास की व्यवस्था नहीं की गई।
इस समस्या पर प्रमुख सचिव ने प्राचार्य मेडिकल कालेज को निर्देश देते हुए ब्यायज हास्टल में सभी स्टूडेंटस को आवास उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इस दौरान प्रमुख सचिव ने अक्तूबर माह में एमसीआई की संभावित विजिट को लेकर फैकल्टी की मीटिंग ली। उनकी समस्याएं सुनीं और कहा कि तैयारियां शुरू कर दें। विजिट के समय कोई खामी न रहे।
हृदय व कैंसर अस्पताल भी जांचे
प्रमुख सचिव ने मेडिकल कालेज कैंपस में बन रहे हृदय रोग संस्थान, कैंसर अस्पताल व राजकीय पैरा मेडिकल कालेज का भी निरीक्षण किया। राजकीय निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर ने उनको बताया कि पैरा मेडिकल कालेज 228 करोड़ की लागत से बन रहा है। अभी तक 61 करोड़ की धनराशि रिलीज की जा चुकी है। बजट की कमी के चलते निर्माण कार्य तेजी नहीं पकड़ पा रहा है। कैंसर व ह्दय रोग अस्पताल का बजट भी रिवाइज नहीं हो पाया है। जिस वजह से निर्माण कार्य अधूरे हैं। प्रमुख सचिव ने दिसंबर माह तक तीनों अस्पतालों के लिए बजट रिलीज कराने का आश्वासन दिया।
तीन माह में सुधार देंगे मेडिकल कालेज
प्रमुख सचिव अनूप पांडेय ने कहा कि प्रदेश भर के मेडिकल कालेजों में चिकित्सा शिक्षकों की भर्ती के नियमों में संशोधन किया जा रहा है। अब आयोग से सहायक प्रो. पद पर सीधी नियुक्ति की जाएगी। मौजूदा समय में 423 चिकित्सा टीचरों की कमी है। आयोग से 210 चिकित्सा शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है। मेडिकल कालेज में वेंटीलेटर के संचालन के लिए जल्द आउट सोर्सिंग की जाएगी।
इमरजेंसी में न्यूरोलॉजी, हार्ट व आर्थो के सीनियर डाक्टरों की तैनाती जल्द की जाएगी। अगले दो माह में सिटी स्कैन व एमआरआई की मशीनें उपलब्ध करा दी जाएगी। प्रदेश के सभी मेडिकल कालेजों में पैथॉलाजी लैब के साथ अल्ट्रासाउंड, सिटी स्कैन, एमआरआई व ईसीजी की सुविधा 24 घंटे उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मेडिकल कालेजों को जनरेटर खरीदने के आदेश दे दिए गए हैं। जल्द ही वर्न वार्ड की स्थापना की जाएगी। माडल स्कूल खोलने के लिए दो एकड़ भूमि सुरक्षित की गई है।