तिर्वा। राजकीय मेडिकल कालेज में एमबीबीएस फाइनल ईयर की मान्यता के लिए सोमवार को एमसीआई की तीन सदस्यीय टीम ने मेडिकल कालेज का निरीक्षण किया। टीम के सदस्यों ने ग्रुप बनाकर मेडिकल कालेज के सभी विभागों को खंगाला। एमसीआई की टीम में शामिल लेडी हार्बिन मेडिकल कालेज दिल्ली के डाक्टर वी. रंजनदास, पटना मेडिकल कालेज के डाक्टर डा. सुधांशु व कोलकाता मेडिकल कालेज के डा. कटीक सुबह दस बजे के करीब मेडिकल कालेज पहुंचे।
प्रशासनिक भवन में प्राचार्य से मुलाकात के बाद सभी ने टीमें बनाकर शैक्षणिक ब्लाक, इमरजेंसी, ओपीडी, जनरल वार्ड, फार्मेसी, रजिस्ट्रेशन काउंटर, ब्लड बैंक, ओटी, आईसीयू, एनआईसीयू का निरीक्षण किया। रजिस्ट्रेशन कक्ष के निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि पिछले एक सप्ताह से ओपीडी में आने वाले मरीजों की तादाद औसतन एक हजार के करीब है। जनरल वार्ड के गाइनी, आर्थो, सर्जरी, मेडिसिन, बाल रोग के निरीक्षण के दौरान भर्ती मरीजों की तादाद भी काफी मिली।
टीम के सदस्यों ने कई भर्ती मरीजों से पूछताछ भी की। उनको दी जा रही दवाइयों व चल रहे उपचार के बारे में भी पड़ताल की। इमरजेंसी पहुंचकर वहां की आकस्मिक सेवाओं को देखा। रेडियोलाजी सेक्शन में एक्सरे व अल्ट्रासाउंड के रिकार्ड देखे। ओटी में पिछले एक माह के दौरान किए गए आपरेशनों के बारे में जानकारियां हासिल की। दोपहर दो बजे के करीब टीम के सभी सदस्य प्रशासनिक भवन में स्थित प्राचार्य कक्ष में पहुंचे। यहां टीम के सदस्यों ने मेडिकल कालेज की फैकल्टी में तैनात शिक्षा चिकित्सकों व चिकित्सकों के अभिलेख की जांच-पड़ताल की। शाम तक जांच-पड़ताल का सिलसिला चलता रहा।
टीम के निरीक्षण के बाद प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक डा. वीएन त्रिपाठी ने पत्रकारों को बताया कि निरीक्षण में सभी कुछ बेहतर मिला है। उनको उम्मीद है कि जल्द ही फाइनल ईयर की मान्यता एमसीआई प्रदान कर देगी। निरीक्षण के दौरान सीएमएस डा. दिलीप सिंह, सर्जन आईए अंसारी, डा. प्रदीप खार्या, डा. संजीव त्रिपाठी, डा. मधुलिका यादव, डा. नरेंद्र त्रिपाठी, प्राचार्य डा. डीएस मारतोलिया मौजूद रहे।