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Kannauj News: लीड जागा मेडिकल कॉलेज प्रशासन, खुला कैंटीन का ताला

Sat, 23 Mar 2024 01:34 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
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कन्नौज/तिर्वा। हादसे में डॉक्टर की मौत के बाद कैंटीन संचालन की मांग के लिए किए गए प्रदर्शन से मेडिकल कॉलेज प्रशासन हरकत में आया। एक साल से बंद पड़ी कैंटीन का शुक्रवार को ताला खुल गया। अब डॉक्टरों और छात्रों को चाय-नाश्ते के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
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डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय के डॉक्टर और एमबीबीएस के छात्र कैंटीन बंद होने के कारण बाहर दुकानों पर चाय-नाश्ता के लिए जाते थे। बुधवार की रात चाय पीने के लिए गए डॉ. कपिल देव त्रिपाठी की मेडिकल कॉलेज गेट के पास हादसे में मौत हो गई थी, जिससे नाराज डॉक्टरों और छात्रों ने धरना-प्रदर्शन कर कैंटीन संचालन की मांग की थी। विरोध-प्रर्दशन कर रहे छात्रों से मिलने पहुंचे डीएम शुभ्रांत शुक्ल ने जल्द ही मेडिकल परिसर में बंद पड़ी कैंटीन का संचालन शुरू कराने की बात कही थी।
कॉलेज प्रशासन ने जनरल वार्ड के पास करीब एक साल से बंद पड़ी कैंटीन को शुरू कराने की कवायद शुरू कर दी। प्राचार्य डॉ. सीपी पाल ने बताया कि शुक्रवार से कैंटीन को शुरू करा दिया गया है। लाइब्रेरी को भी 24 घंटे खुली रखने के लिए निर्देश दे दिए गए हैं। छात्रों के लिए खाने-पीने से संबंधित अन्य व्यवस्थाओं के लिए भी रूपरेखा बनाई जा रही है। सीएमएस डॉ. दिलीप सिंह ने बताया कि कई बार कैंटीन संचालक को कैंटीन शुरू करने के लिए कहा गया था, लेकिन कैंटीन संचालक ने कोई निजी कारण का हवाला देते हुए कैंटीन का संचालन शुरू नहीं किया था।
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रुपये न मिलने के कारण बंद की थी कैंटीन
कैंटीन संचालक कस्बे निवासी धीरज तिवारी ने बताया कि जनरल वार्ड के पास दो साल से कैंटीन का संचालन कर रहे थे। कॉलेज के कुछ विभाग के कार्यालय के कर्मचारी समेत छात्रों से समय से रुपये न मिलने के कारण कैंटीन को बंद करना पड़ा था। करीब एक साल से कैंटीन का संचालन बंद था।



कॉलेज के गेट पर नहीं हुई बैरिकेडिंग
मुख्य मार्ग पर बैरिकेडिंग व मेडिकल कॉलेज गेट से सीओ ऑफिस तक लाइट की व्यवस्था को लेकर छात्रों ने डीएम से गुहार लगाई थी। जिसको लेकर डीएम ने एसडीएम अशोक कुमार को आदेशित किया था। 24 घंटे बीतने के बाद भी मेडिकल कॉलेज गेट के बाहर तिर्वा-कन्नौज मार्ग पर बैरिकेडिंग की व्यवस्था नहीं हो सकी है। जब इसकी जानकारी करने के लिए एसडीएम का सीयूजी नंबर मिलाया तो उन्होंने कॉल रिसीव करने की जहमत नहीं उठाई।
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