तालग्राम (कन्नौज)। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर पुलिस की कार में टक्कर के बाद 10 सोने की ईंटों के साथ दबोचे गए आरोपी संदीप जायसवाल को लेकर जांच एजेंसियों के हाथ मंगलवार को बेहद अहम सुराग लगे हैं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की पड़ताल में संदीप और सोना तस्करी के मास्टरमाइंड रियाज की पुरानी और गहरी दोस्ती की बात उजागर हुई है।
अब एजेंसियां इस बात की तफ्तीश में जुटी हैं कि सरहद पार से हो रहे सोने के इस बड़े खेल में दोनों का संपर्क किस स्तर का था और नेपाल से फैला यह नेटवर्क किस-किस जगह तक जुड़ा हुआ है। महाराजगंज के ठूठीबारी निवासी संदीप जायसवाल का नेपाल से गहरा नाता रहा है। उसकी ननिहाल नेपाल के नवलपरासी जिले के देवगांव पटखौली में है। 30 साल पहले उसके पिता संतोष जायसवाल की शादी वहां हुई थी, जिसके बाद से वे वहीं नेवासा पर रह रहे हैं। संदीप की परवरिश भी नेपाल में ही हुई, जिससे उसका वहां लगातार आना-जाना बना रहा। इतना ही नहीं, संदीप के पिता पिछले तीन दशकों से नेपाल में कारोबार कर रहे हैं। भारत में भी उनका बड़ा व्यापारिक ढांचा है महराजगंज, नौतनवां, बहुआर और बरगदवां में उनके पास चार कंपोजिट शराब दुकानों के जिला वितरक हैं।
डिलीट चैट से रिकवर होंगे तस्करी नेटवर्क के राज
एक्सप्रेसवे पर हादसे के तुरंत बाद और पुलिस के हत्थे चढ़ने से ठीक पहले संदीप ने अपने मोबाइल से मोबाइल चैट और कॉल लॉग डिलीट कर दिए थे। मौके पर मौजूद अधिकारियों को तभी आशंका हो गई थी कि डेटा मिटाकर बड़े राज छिपाने की कोशिश की गई है। जांच एजेंसियां अब संदीप के फोन के डिलीटेड डेटा और चैट को रिकवर करने में जुट गई हैं। साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि डिलीटेड डेटा मिलते ही सोने की खेप की सप्लाई लाइन, नेपाल से जुड़े संपर्कों और इस पूरे अंतरराष्ट्रीय स्मगलिंग नेटवर्क की कई अहम कड़ियां बेनकाब हो जाएंगी।
वर्जन
पकड़े गए आरोपियों के पास कोई वैध दस्तावेज भी नहीं था। इससे साबित होता है कि यह तस्करी का ही मामला है। कस्टम और राज्यकर विभाग की टीमें इसी पड़ताल में जुटीं हैं। पुलिस की सर्विलांस टीम भी जुटी है।
-विनोद कुमार, पुलिस अधीक्षक