शादी विवाह अनुदान के लिए इंतजार कर रही पिछड़ा वर्ग की लड़कियों के लिए खुशखबरी है। 2944 आवेदन करने वालों में 640 को पात्र माना गया है। 128 लाख रुपये पात्रों के खाते में हस्तानांतरित की गई।
शादी विवाह अनुदान योजना करीब दो वर्ष तक प्रदेश सरकार ने बंद रखी। वर्ष 2016 में यह योजना दोबारा चालू की गई। इस बार इस योजना को पारदर्शी बनाए जाने के लिए प्रदेश सरकार ने आनलाइन सिस्टम कर दिया। इसके चलते तमाम ऐसे लाभार्थी रहे, जिन्होंने आवेदन चार-चार बार तक कर दिया। इस कारण उनके आवेदनों को रिजेक्ट कर दिया गया।
जिला पिछड़ा वर्ग अधिकारी राजेश कुमार बघेल ने बताया कि एक अप्रैल 2016 से 31 मार्च तक जिनके आवेदन आए है,ं उन आवेदनों पर विचार किया गया है। 2944 आवेदन पूरे जिले से भरे गए थे। इसमें 1138 आवेदन सही पाए गए। तीनों तहसीलों से इनकी आय व जाति का जांच कराई गई।
बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में 46160 व शहरी में 56480 वार्षिक आय होनी चाहिए। जांच में 640 पात्र माने गए हैं। शासन से 128 लाख रुपये के बजट को मंजूरी मिली थी। धनराशि को लाभार्थियों के खाते में हस्तानांतरित कर दिया गया है। पिछड़ा वर्ग अधिकारी ने कहा कि सरकार ने शेष रह गए लाभाथियों का ब्यौरा मांगा है। उम्मीद है कि जो शेष रह गए हैं उनको अतिरिक्त बजट स्वीकृत करके लाभ दिया जा सकता है।