कलेक्ट्रेट के चकबंदी कार्यालय में काम करते कर्मचारी।
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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने शासन से अपनी दस सूत्री मांगों को लेकर बुधवार से तीन दिवसीय हड़ताल शुरू की। कर्मचारी नेताओं ने कलेक्ट्रेट व विकास भवन में घूम-घूमकर कार्यालयों को बंद कराया। विकास भवन में धरना देकर आवाज बुलंद की। हालांकि हड़ताल का कार्यालयों पर मिलाजुला असर दिखा। नेताओं के पहुंचने पर तमाम कर्मचारी कार्यालय से काम छोड़कर धरना स्थल पहुंच गए, लेकिन बाद में दोबारा कार्यालय पहुंचकर कामकाज में जुटे दिखे।
विकास भवन में आयोजित हुए धरने में स्वास्थ्य विभाग, आंगनबाड़ी सहित अन्य तमाम विभागों के कर्मचारी नेता धरना में शामिल हुए। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष अशोक सविता ने कहा कि उनकी हड़ताल लगातार तीन दिन तक जारी रहेगी। कहा कि धरने में बड़ी संख्या में कर्मचारियों की भीड़ जुट रही है। कहा कि गुरुवार से ब्लाकों से भी कर्मचारी पहुंचकर धरने में शामिल होंगे। उन्होंने सभी कर्मचारियों से अपील कि वह बड़ी संख्या में पहुंचकर अपनी ताकत का एहसास कराएं।
तिर्वा प्रतिनिधि के मुताबिक राजकीय मेडिकल कालेज में कर्मचारियों की हड़ताल का बुधवार को कोई असर नहीं दिखाई दिया। राजकीय नर्सेज संघ के सभी पदाधिकारी व कर्मचारी काम करते दिखे। नर्सेज संघ के संयोजक अशोक गिरि ने बताया कि उन्होंने मरीजों के हितों को देखते हुए हड़ताल में शामिल न होने का फैसला लिया है। उधर, तिर्वा के विकास खंड कार्यालय, परिषदीय विद्यालयों में भी पूरे दिन कामकाज हुआ। कोई शिक्षक व कर्मचारी हड़ताल पर नहीं रहा।