कन्नौज। लॉकडाउन के कारण बंद जिले के धर्मस्थलों के द्वार 75 दिन बाद सोमवार को आम भक्तों के लिए खोल दिए गए। एक मीटर दूरी, मास्क की अनिवार्यता के साथ पांच लोगों को ही एक बार में धर्मस्थलों में प्रवेश दिया गया। धर्मस्थलों के प्रबंधन ने सैनिटाइजर की व्यवस्था भी मंदिर परिसरों में की थी। पुलिस भी मुस्तैद रही।
शहर के सिद्धपीठ बाबा गौरी शंकर मंदिर, माता फूलमती मंदिर, बाबा विश्व नाथ मंदिर, काली दुर्गा मंदिर में भक्तों ने पूजा की। इन मंदिरों में रुक रुक कर भक्त आते व जाते रहे। माता फूलमती मंदिर गेट पर थर्मल स्कीनिंग कर भक्तों को प्रवेश दिया गया। तिर्वा में अन्नपूर्णा मंदिर, दुर्गा मंदिर में सुबह से ही भक्त पहुंचने लगे थे। मंदिर परिसर के आसपास की दुकानें भी खोल दी गईं। एसडीएम जयकरन ने कहा कि सभी मंदिरों में थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
शहर के हाजीगंज मस्जिद समेत छिबरामऊ व तिर्वा कस्बे में हॉटस्पॉट क्षेत्र में बने मंदिर, मस्जिद आदि नहीं खोले गए।
कोरोना महामारी से बचाव के लिए बंद किए गए रेस्टोरेंट और ढाबे भी ढाई महीने बाद खोल दिए गए। घर के बाहर खाने का जायका लेने के लिए पहले ही दिन लोग पहुंचे। कुछ लोगों ने वहीं बैठकर खाया तो कुछ पैक कराकर घर ले गए। रेस्टोरेंट पर तो कर्मचारियों ने मास्क व दस्ताने लगाकर काम किया लेकिन ढाबों पर नियमों का पालन नहीं किया गया। यहां लोग एक दूसरे से सटकर बैठे दिख रहे थे।
माता फूलमती मंदिर के पुजारी शिखर मिश्रा ने बताया कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए शासन की गाइडलाइन का पालन किया जा रहा है। हर मंदिर में यही व्यवस्था होनी चाहिए। मंदिर मे प्रवेश करने वाले भक्त की थर्मल स्क्रीनिंग और गेट पर सैनिटाइजर हो। भक्त मास्क लगाएं और एक दूसरेेे से दूरी का ख्याल रखकर ही पूजा करें।
जिला काजी मौलाना अहमद सईद मुजदिद्दी ने कहा कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए हर व्यक्ति को नियमों का पालन करना चाहिए। एक दूसरे से दूरी बनाकर ही मस्जिदों में नमाज पढ़ें। जरा सी गलती से संक्रमण फैल सकता है। मुंह में मास्क लगाएं और मस्जिदों में प्रवेश करने से पहले हाथों को साबुन से अच्छी तरह साफ करें।
शहर के माता फूलमती मंदिर गेट पर मुस्तैद पुलिस- फोटो : KANNAUJ