कन्नौज। पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में कुपोषित और अति कुपोषित मासूमों को भर्ती कर पोषक आहार उपलब्ध कराया जाता है। मासूमों को पोषक आहार उपलब्ध कराने के लिए एनआरएचएम से बजट उपलब्ध कराया जाता है। आठ माह से बजट न मिलने के कारण मासूमों के पोषक आहार पर संकट छा गया है। ऐसे में उधार के पोषक आहार से मासूमों का कुपोषण दूर किया जा रहा है।
जिले में कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। वर्तमान समय में कुपोषित बच्चों की संख्या 2813 और अतिकुपोषित बच्चों की संख्या 592 है। अतिकुपोषित मासूमों को जिला अस्पताल में संचालित पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती किया जाता है और वहां पर इलाज के साथ ही मासूमों को पोषक आहार उपलब्ध कराए जाते हैं। ताकि अतिकुपोषित बच्चे जल्द स्वस्थ हो जाएं। इसके लिए एनआरएचएम (राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन) की ओर से बजट उपलब्ध कराया जाता है
। स्वास्थ्य महकमा जल्द बजट उपलब्ध कराने की बात तो कह रहा है, लेकिन बजट कब उपलब्ध होगा, इसकी जानकारी जिम्मेदारों तक को नहीं है। सीएमओ डॉ. स्वदेश गुप्ता का कहना है कि एनआरएचएम के बजट से एनआरसी को धनराशि उपलब्ध कराई जाती है। जनवरी से अभी तक बजट नहीं मिल सका है, जिस कारण से दिक्कत हो रही है। शासन स्तर पर पत्र लिखकर जल्द बजट उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
पोषक आहार में मासूमों को दी जाने वाली खाद्य सामग्री
एनआरसी में आने वाले अतिकुपोषित मासूमों को लइया पाउडर, दूध, नारियल तेल, चीनी, हलवा, हरी सब्जियों की खिचड़ी, मूंगफली के दाने, साबूदाना की खीर, फल और अंडा दिया जाता है।