एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंचायतों को
पेपरलेस बनाने और पंचायत भवन को हाईस्पीड इंटरनेट से जोड़ने का ख्वाब देख
रहे हैं, वहीं कई ग्राम पंचायतों में अभी भी पंचायत भवनों पर लोगों का
कब्जा है।
ग्राम पंचायत सरगौली में बने पंचायत भवन पर एक दशक से लोगों
का कब्जा। जब से यह भवन बना है तब से इसमें ग्राम पंचायत का कोई काम नहीं
हुआ। भवन बनने के बाद यह भैंसों का तबेला बन गया। यहां पर जबरन लोग अपनी
भैंसों को बांधते है। आज तक किसी भी अफसर ने इस पंचायत भवन को खाली कराने
की जहमत नहीं उठाई है।
ऐसे में तबेला बने इन पंचायत भवनों से मोदी का सपना
साकार होता नहीं दिख रहा है। गांव के लोग भी कई बार मांग कर चुके है,
पर हुआ कुछ नहीं। उमेश तिवारी, रघुवीर सहाय, राधामोहन यादव, कल्लू तिवारी,
सुरेश चंद्र बाथम, रामकुमार तिवारी आदि ने पंचायत भवन खाली कराने की मांग
की है।
ग्राम प्रधान जीतू यादव ने बताया कि जल्द ही पंचायत घर को कब्जा
मुक्त कराकर ग्रामीण योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाएगा। उधर, इस बाबत खंड
विकास अधिकारी राम उदरेज यादव ने बताया कि उन्हें ऐसी कोई शिकायत नहीं
मिली। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।