समधन(कन्नौज)। तेंदू के पत्ते और तंबाकू के बढ़ते दाम और तंबाकू के नुकसान के प्रति लोगों में बढ़ती जागरुकता से बीड़ी की घटती मांग ने इस कारोबार की हालत पतली कर दी है। कभी इत्र के बाद सबसे ज्यादा टैक्स चुकाने वाले इस कारोबार में अब मजदूरी देना भी मुश्किल हो रहा है। कई महीनों से मजदूरी न मिलने से श्रमिक भी विरोध पर उतरने लगे हैं। समधन में बीड़ी कारखाने के बाहर श्रमिकों ने नारेबाजी कर बकाया मजदूरी का भुगतान जल्द कराने की मांग की।
गुरसहायगंज की बुलबुल बीड़ी कंपनी के पार्टनर तहसीन सिद्दीकी और समाज बीड़ी कंपनी के मालिक अनीस अहमद बताते हैं कि कुछ समय पहले तक तेंदू का पत्ता 100 से 125 रुपये किलो मिलता था। गुजरात से आने वाली तंबाकू 170 रुपये किलो तक थी। अब इनके दाम बढ़ गए हैं। तेंदू का पत्ता 250 रुपये और तंबाकू 225 रुपये किलो तक पहुंच चुकी है। मजदूरी 50-60 रुपये से बढ़कर 90 रुपये प्रति हजार पहुंच गई है। इन सबके बीच बीड़ी के दामों में बहुत ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है।
बीड़ी उद्योग की हालत खराब होने के पीछे सबसे बड़ा कारण नई पीढ़ी में इसकी मांग न के बराबर होना है। इसके अलावा तंबाकू से होने वाले नुकसान के कारण लोगों में जागरुकता बढ़ रही है। यही कारण है कि मांग घटने के कारण बीड़ी कारोबार दिन पर दिन मंदा होता जा रहा है। जो कारोबार कभी नगद पर होता था, एक-एक महीने की उधारी पर चल रहा है। गुरसहायगंज और समधन क्षेत्र में कभी बीड़ी का बड़ा कारोबार होता था। अब यहां कुछ ही इकाइयां चल रही हैं। हजारों लोगों को रोजगार देने वाला यह कारोबार आज मजदूरी नहीं दे पा रहा है।
बीड़ी श्रमिकों को नहीं मिली मजदूरी, किया प्रदर्शन
बीड़ी कारीगरों को करीब दो माह से मजदूरी न मिलने से यह भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं। गुरुवार को नाराज श्रमिकों ने प्रदर्शन कर नाराजगी जाहिर की। इन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक बकाया नहीं मिल जाता, वह लोग काम नहीं करेंगे। समधन नगर के मोहल्ला अशफाक उल्ला में 92 बीड़ी कंपनी स्थित है। यहां के लोग 90 रुपये प्रति हजार पर बीड़ी बनाने का काम करते हैं। इन्हें करीब दो माह से मजदूरी नहीं मिली है। गुरुवार को सुबह करीब आठ बजे कई श्रमिक कारखाने के बाहर इकट्ठे होकर मजदूरी न मिलने से नाराजगी जताने लगे। इन्होंने प्रदर्शन भी किया। इस दौरान श्रमिक कलीमुद्दीन, मैनुद्दीन, खशनूर, शाहमीर, शाकिर, इरफान, कलीम, अबरार, राशिद, मुखतियार, इकबाल, सलीम, अब्दुला, सरबरी, राबिया, श्यामा देवी, पप्पू आदि ने कंपनी मालिक पर आरोप लगाया कि वह करीब दो माह से मजदूरी नहीं दे रहे हैं। इससे परिवार का भरण पोषण करने में परेशानी उठानी पड़ रही है। नाराज श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि जब तक मजदूरी का पिछला बकाया नहीं मिल जाता, वह लोग काम नहीं करेंगे। प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों को स्थानीय सभासद हफीज फुरकान ने शांत कराया। उन्होंने भरोसा दिया कि वह मालिक से बात कर भुगतान कराने का प्रयास करेंगे। उधर, बीड़ी कंपनी के प्रबंधक काजी नसीम अहमद अब्बासी ने बताया कि पिछले माह तैयार की गई बीड़ी की बिक्री कम हुई है। दुकानदारों से बकाया भी नहीं मिला है। इससे मजदूरों का भुगतान नहीं हो पाया है। वह कोई व्यवस्था कराकर तत्काल भुगतान कराएंगे।