कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी-पुरानी पेंशन बहाली मंच के बैनर तले घोषित महाहड़ताल का असर जिले में मिलाजुला दिखा। तहसील, विकास भवन, कलक्ट्रेट, ब्लाक मुख्यालयों व स्कूल-कालेजों में कर्मचारी नेता नहीं पहुंचे, लेकिन कोई कामकाज प्रभावित नहीं रहा। सरकारी कार्यालयों में तालाबंदी कराए जाने के लिए भी कर्मचारी नेता एकजुट नहीं हो सके। अपर जिलाधिकारी आवास के सामने धरना देकर पुरानी पेंशन बहाली के लिए केंद्र व राज्य सरकार पर दबाव बनाया।
कलक्ट्रेट में हुए धरने में लेखपाल संघ, अमीन संघ, आरईएस संघ, ग्राम पंचायत अधिकारी संघ, ग्राम विकास अधिकारी संघ, माध्यमिक शिक्षक संघ (चंदेल गुट), उत्तर प्रदेश सफाई कर्मचारी सेवक संघ, अधिकारी महापरिषद, कोषागार कर्मचारी संघ, सिंचाई संघ, कृषि एवं अधीनस्थ सेवा समिति, चतुर्थ श्रेणी संघ, सिंचाई संघ मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ, मृतक आश्रित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, बेसिक शिक्षा वेलफेयर, विशिष्ट बीटीसी वेलफेयर, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के नेताओं ने घोषित महाहड़ताल में शामिल होकर नारेबाजी करते हुए पुरानी पेंशन बहाली की मांग उठाई। जिलाध्यक्ष उदय नरायन सिंह यादव, संयोजक डा.अशोक सविता ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली के लिए सभी संगठन एकजुट हैं। सरकार को उनकी मांग को हर हाल में पूरा करना होगा। धरना 12 फरवरी तक चलेगा। इस मौके पर अखिलेश मिश्रा, शेर सिंह, दीपक कुशवाहा, मृदुल दुबे, ब्रजेश तिवारी, रामानंद द्विवेदी, विनोद वाल्मीक, डा.कुश कुमार यादव, सुरेंद्र मिश्रा, अनिल मिश्रा, रत्नेश दुबे, जसवंत यादव, अजय सिंह, विवेक चतुर्वेदी, राजेश, चंद्रलता त्रिपाठी, विमल चंद्र यादव, शिव सिंह, अरविंद दुबे, आशीष मिश्रा, मोहित दुबे, दीप्ती दुबे, रीना सिंह, अभिजीत यादव, योगेंद्र बघेल, डीएस चौहान, रामसरन, मो.समीद, आनंद तिवारी, उपेंद्र यादव सहित अन्य मौजूद रहे।