कन्नौज। राजस्व विभाग में चकबंदी विभाग के विलय करने पर उत्तर प्रदेश राजस्व महासंघ ने कलक्ट्रेट में एक दिवसीय धरना देकर विरोध जताया। तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित अन्य विभागों के राजस्व कर्मचारियों व अधिकारियों के धरने में शामिल होने से तहसील के कार्यालयों में ताले लटकते रहे। दूर-दराज से आए ग्रामीणों को हड़ताल से परेशानी हुई। इन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा। राजस्व महासंघ ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा है।
कलक्ट्रेट में राजस्व महासंघ ने मांगों को लेकर धरना दिया। धरने में तहसीलदार, नायब तहसीलदार व सहायक भूलेख अधिकारी, राजस्व निरीक्षक, कलक्ट्रेट मिनिस्ट्रीयल संवर्ग, लेखपाल संवर्ग, अमीन संवर्ग, संग्रह अनुसेवक संवर्ग शामिल रहा। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में कहा गया कि चकबंदी विभाग के राजस्व विभाग में विलय को तत्काल रोका जाए। वेतन विसंगतियों को दूर किया जाए। उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रीयल कलक्ट्रेट संवर्ग हेतु राजस्व परिषद की संस्तुति के तहत कलक्ट्रेट को विशिष्ट दर्जा दिया जाए। मांगें पूरी न होने पर महासंघ को आंदोलन के लिए विवश होना पड़ेगा।
वहीं पिछले दिनों धरने के दौरान हुए टकराव के बाद प्रशासन फूंक-फूंककर कदम रख रहा है। गुरुवार को कलक्ट्रेट परिसर के पीछे गेट के समीप धरना दे रहे अधिकारियों-कर्मचारियों, लेखपालों को पुलिस ने जबरन हटा दिया। इसके बाद इन्होंने एडीएम आवास के सामने धरना दिया।
इस मौके पर अध्यक्ष अरविंद कुमार, वरिष्ठ संयोजक विश्वेश्वर सिंह, संयोजक अभिमन्यु कुमार, मोहित लाल वर्मा, सौरभ कुमार, विमल कुमार, बदन सिंह, नरेंद्र सिंह यादव, राजेश कुमार पटेल, उमेश चंद्र अग्निहोत्री, विमल कुमार द्विवेदी, मनोज कुमार, भूपेंद्र विक्रम सिंह, सुशील कुमार दीक्षित, राजवीर सहित अन्य मौजूद रहे।