समाजवादी पार्टी में पिछले तीन दिनों से जारी गतिरोध व लखनऊ में बैठकों के दौर से शुक्रवार को सपाइयों में बेचैनी दिखी। जिले के वरिष्ठ नेता मोबाइल के जरिए शीर्ष लोगों के साथ अपडेट होते रहे। छुटभैये नेताओं में भी टीवी व सोशल मीडिया के जरिए जानकारी लेते दिखे। उधर, सबसे खराब हाल टिकट के दावेदारों का रहा। समाजवादी पार्टी में पिछले कई दिनों से जारी गतिरोध निकलकर सामने आ जाने से जिले के नेताओं की धड़कने को तेज कर दिया है।
प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर शिवपाल सिंह यादव के काबिज हो जाने से सीएम खेमे के सपाइयों में बैचैनी है। लखनऊ में शुक्रवार को चले बैठकों के दौर की सपाई पल-पल जानकारी हासिल करने में जुटे रहे। जिले के तीन विधानसभा क्षेत्रों से सेटिंग एमएलए व टिकट के दावेदारों के चेहरों की रंगत उड़ी दिखाई दी। हालांकि मीडिया से कोई बात करने को तैयार नहीं हुआ। लेकिन प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी सीएम को दोबारा मिलेगी अथवा नहीं इस पर कयासों का दौर जारी रहा।
पिछले दिनों राष्ट्रीय अध्यक्ष की ओर से प्रदेश अध्यक्ष पद पर तब्दीली कर देने के बाद यहां सपाइयों में निर्णय को लेकर कुछ नाराजगी दिखी। वहीं दो दिनों पहले करीब एक सैकड़ा वरिष्ठ पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के जत्थे ने लखनऊ पहुंचकर अपनी आस्था भी जाहिर की थी। जिलाध्यक्ष मुन्ना दरोगा ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का जो भी फैसला होगा वह सभी को मान्य होगा। शीर्ष नेताओं के निर्देशन में ही संगठन विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटा है। प्रदेश नेतृत्व से हटकर कोई नहीं है।