लोहिया गांवों को सौर ऊर्जा से रोशन करने की योजना
नोडल अफसरों की अनदेखी से फाइलों में अटक गई है। लापरवाही का आलम यह है कि
अभी तक यही चयन नहीं हो सका कि किस ग्राम सभा में किस स्थान पर स्ट्रीट
लाइट लगाने की जरूरत है।
शासन की इस योजना के क्रियान्वयन में हो रही
सुस्ती पर सीडीओ उदयराज यादव ने नाराजगी जताई है। विकास विभाग के अनुसार,
जिला युवा कल्याण अधिकारी को लोहिया गांव तारमऊ गढ़ी, अपर जिला बचत अधिकारी
को बलीदादपुर, भूमि संरक्षण अधिकारी कृषि रामपुर निवादा, जिला समाज कल्याण
को बेहटा।
जिला सेवायोजन अधिकारी को रामपुर मझिला, उप कृषि निदेशक को
वीरपुर, जिला कृषि अधिकारी को आरिफपुर, जिला पंचायत राज अधिकारी को डडौना,
अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत को कपूरपुर, सहायक अभियंता मंडी को सराय
गोपाल, जिला उद्यान अधिकारी मुन्ना यादव को समगुरा बहादुरपुर, जिला पूर्ति
अधिकारी को बबरा मखदूमपुर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को पुखरायां गांव का
नोडल अफसर बनाकर जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इन अफसरों ने अपने लोहिया गांव
में नेडा की ओर से वैकल्पिक विद्युत एवं मार्ग प्रकाश व्यवस्था को सोलर
स्ट्रीट लाइट स्थापित कराने की योजना में रुचि नहीं दिखाई, इसलिए परियोजना
अधिकारी नेडा को स्थलों का चयन कर सूची न देने से ग्रामीणों को वैकल्पिक
ऊर्जा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
इस कारण शाम होते ही इन गांवों में
सन्नाटा पसर जाता है। सीडीओ उदयराज यादव का कहना है कि 26 दिसंबर तक नोडल
अफसरों ने स्थल चयनित कर सूची नहीं दी है, जिससे अवशेष लोहिया गांवों को
योजना से संतृप्त नहीं किया जा पा रहा है।
इन अफसरों को निर्देश दिए गए कि
वे तत्काल सोलर लाइट स्थापित करने को स्थलों का चयन करके नेडा के अफसरों
मुहैया कराएं। परियोजना अधिकारी नेडा एसके गुप्ता को भी निर्देश दिए गए कि
वे इन नोडल अफसरों से संपर्क कर शासन की योजना पूरी कराएं।