जिले के लोहिया गांवों के निरीक्षण के लिए नामित नोडल असफर अपने कार्यों में रुचि नहीं ले रहे हैं। लापरवाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वित्तीय वर्ष 2014-15 में जिले के 16 नोडल अफसर एक भी बार निरीक्षण को नहीं पहुंचे।
उन्होंने चयनित एक दर्जन से अधिक लोहिया गांवों की तरक्की की रिपोर्ट भी उच्चाधिकारियों को नहीं भेजी। नतीजतन इन गांवों में चल रहे निर्माण कार्य की गुणवत्ता रामभरोसे है।
विकास विभाग के हुक्मरानों ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य को खिदरपुर बाग, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को मित्रसेनपुर, जिला विकलांग कल्याण अधिकारी को जसौली, परियोजना अधिकारी नेडा को बछज्जापुर, जिला कार्यक्रम अधिकारी को इस्माइलपुर डिगन, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को कुढ़िना, जिला समाज कल्याण अधिकारी को हमीरपुर, एआरसीएस को मलवई बिलवारी, उपनिदेशक कृषि को नगाल विशुना, डीपीआरओ को बौथम, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत को खुड़ावा, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी को मदारीपुर कसावा, जिला युवा कल्याण अधिकारी को जरामऊ अलमापुर, जिला पूर्ति अधिकारी को सिंघनापुर, जिला उद्यान अधिकारी को टिकरी कलसान और जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी को पनगवां का नोडल अफसर बनाया था।
इन अफसरों को हर महीने डा. राम मनोहर लोहिया समग्र गांव का निरीक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनको गांव में बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल, आवास, पेंशन जैसी सुविधाएं के अलावा अन्य तमाम बिंदुओं पर प्रगति और कमियों की आख्या हर महीने की पांच तारीख तक डीआरडीए के परियोजना निदेशक एके सिंह को सौंपनी होती है। लेकिन ऐसा करने में लेटलतीफी हो रही है।
परियोजना निदेशक की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि वर्ष 2014-15 में चयनित लोहिया गांवों का उक्त 16 अधिकारियों ने एक भी बार स्थलीय निरीक्षण करके निरीक्षण आख्या नहीं भेजी है।
जबकि डीएम की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठकों में इन अफसरों से कई बार अनुरोध किया जा चुका है। 19 दिसंबर तक किसी की भी आख्या नहीं आई। इसके चलते लोहिया गांवों में होने वाले विकास कार्यों का ब्यौरा उच्चाधिकारियों को नहीं उपलब्ध कराया जा सका।
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जिले के 16 अफसरों द्वारा लोहिया गांवों का स्थलीय निरीक्षण न करने के मामले की लिखित जानकारी जिलाधिकारी अनुज कुमार झा और मुख्य विकास अधिकारी उदयराज यादव को अवगत करा दिया गया है।
-एके सिंह, परियोजना निदेशक डीआरडीए।
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कार्यदाई संस्थाओं के अफसर भी बरत रहे लापरवाही
कन्नौज। लोहिया गांवों में निर्माण कार्य कराए जाने के दौरान पीडब्ल्यूडी, आरईडी, विद्युत, जल निगम समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी भी औचक निरीक्षण करने से कतराते हैं।
बीते दो वर्षों में चयनित कई लोहिया गांवों में सड़क, नाली निर्माण, तालाब सुंदरीकरण के साथ ही शौचालय व आवास निर्माण में इसीलिए गुणवत्ता गड़बड़ निकल चुकी है। पुरानी गलतियों से सबक सीखने के बजाय उन्हें दोहराया जा रहा है, जिससे इंजीनियरों की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है।
तमाम अफसर तो मातहतों को भेजकर निरीक्षण के नाम पर कोरम पूरा करते हैं, जिससे बाद में धांधली उजागर होने पर शासन-प्रशासन की छवि पर बट्टा लगता है।