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Kannauj News: खाद की आड़ में शराब तस्करी, 508 पेटी बरामद, तीन गिरफ्तार

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इंदरगढ़ (कन्नौज)। पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने बुधवार देर रात इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के बेला-तिर्वा मार्ग पर 508 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब और बीयर बरामद की है। शराब की कीमत 30 लाख रुपये आंकी गई है।
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पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर ट्रक को सीज कर दिया। यह शराब हरियाणा के चंडीगढ़ से बिहार ले जाई जा रही थी। थानाध्यक्ष विनोद कुमार और एसओजी प्रभारी के नेतृत्व में उमर्दा के पास वाहन चेकिंग अभियान चला। एक संदिग्ध ट्रक को रोककर तलाशी ली गई। ट्रक में ऊपर खाद की बोरियां रखी थीं, जिनके नीचे शराब की पेटियां छिपाई गई थीं। आबकारी अधिकारी स्वप्निल रावत ने बताया कि मौके पर शराब का कोई वैध बिल या दस्तावेज नहीं मिला।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इटावा जिले की फ्रेंड्स कालोनी निवासी महताब, सलमान और इमरान के रूप में हुई है। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे शराब को बिहार में ऊंचे दामों पर बेचते थे। बरामद शराब में 248 पेटी बीयर शामिल थी। इसके अलावा 126 पेटी रॉयल स्टेज और 134 पेटी इंपीरियल ब्लू भी मिली। अपर पुलिस अधीक्षक अजय कुमार ने बताया कि शराब तस्करी के मामले की गहनता से छानबीन की जा रही है।
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शराब तस्करी में ट्रक मालिक की भूमिका भी संदिग्ध
508 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद होने के मामले में पुलिस की कार्रवाई फीकी पड़ गई। पुलिस ने ट्रक से भारी मात्रा में शराब बरामद कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया लेकिन ट्रक के स्वामित्व और उसके इस्तेमाल को लेकर कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। जानकारी के अनुसार, पकड़े गए ट्रक को इमरान चला रहा था। ट्रक किसी अन्य युवक के नाम पर पंजीकृत बताया जा रहा है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि ट्रक चालक और वाहन स्वामी के बीच क्या संबंध है और ट्रक किस आधार पर इमरान को चलाने के लिए दिया गया था। यदि ट्रक किसी परिवहन कंपनी से संबंधित है तो उस भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए।
बिहार के नाम पर तस्करी या यूपी में खपत
अंग्रेजी शराब बरामद होने के मामले में कई सवाल उठने लगे हैं। आरोपियों ने पूछताछ में शराब को बिहार ले जाकर बेचने की बात कही है लेकिन बरामदगी से जुड़े कुछ तथ्य इस दावे पर संदेह पैदा कर रहे हैं। बिहार जाने वाले अधिकांश वाहन आमतौर पर एक्सप्रेसवे का उपयोग करते हैं, जबकि शराब से भरा ट्रक बेला-तिर्वा मार्ग पर पकड़ा गया। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या शराब वास्तव में बिहार ले जाई जा रही थी या फिर उसकी खपत प्रदेश में ही होनी थी। मामले को इसलिए भी संदिग्ध माना जा रहा है, क्योंकि गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी इटावा जिले के निवासी हैं।
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