संत निरंकारी भवन में आयोजित सत्संग में गुरुसहायगंज
से पधारी महात्मा मुन्नी देवी ने सद्गुरु के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा
कि गुरु हमारे जीवन का मार्गदर्शक होता है। उसके बिना ज्ञान की प्राप्ति
संभव नहीं है।
कहा कि सद्गुरु की महत्ता का जितना भी बखान किया जाए वह
कम है। हमें अपने सबसे बड़े गुरु माता पिता का सदैव सम्मान करना चाहिए।
संतों ने गुरु को ईश्वर से भी ऊंचा स्थान दिया है। कहा कि सद्गुरु के बिना
ईश्वर की प्राप्ति असंभव है। उन्होंने कहा कि गुरु के माध्यम से ईश्वर का
स्मरण करने पर सभी कष्ट और पाप कट जाते हैं।
सद्गुरु के बिना कोई कार्य सफल
नहीं होता है। कहा कि मानव चाहे तो पूरे संसार को स्वर्ग बना सकता है, पर
उसकी लालसा इतनी बढ़ गई है कि वह ईश्वर के साथ अपने रिश्ते भूलकर मोह माया
के बंधन में जकड़ गया है। कार्यक्रम में राजकुमार गुप्ता, सुशील बाबू,
प्रमोद पाल, वीरेंद्र शर्मा, शशी प्रभाकर, रश्मी, विमला, जय देवी और सुशील
आदि का विशेष सहयोग रहा।